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दो संस्कृतियों की दूरी को पाटने वाला होगा गंगानदी पर बनने वाला सेतु

Shivpur Ghat स्वतंत्रता संग्राम और वीर कुंवर सिंह के वीरता का गवाह है गंगानदी का शिवपुर घाट

Shivpur Ghat शाहपुर: गंगा नदी के ऐतिहासिक पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्माणाधीन सेतु बिहार एवं उत्तर प्रदेश के गंगा के दोनो किनारों पर बसे दो संस्कृतियों को आपस में मिलाने वाला सेतु होगा। इससे सेतु के बनने के बाद ऐतिहासिक महत्व के जगदीशपुर स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह का किला और यूपी के जगदीशपुर व लालगंज बाजार की दूरी भी पाटने का काम यह सेतू करेगा।

इस सेतु के बनने के बाद बिहार एवं उत्तर प्रदेश के गंगा के निकटवर्ती इलाकों के बाजारों की भी आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। स्थानीय कारोबारियों द्वारा एक-दूसरे के उत्पादों को आदान-प्रदान करेंगे। जिससे भोजपुर जिले के ऐतिहासिक जगदीशपुर शहर, बिहिया बाजार, शाहपुर बाजार सहित संपूर्ण दियारांचल के करीब तथा उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के लालगंज बाजार, बैरिया बाजार तथा जगदीशपुर बाजार एक दूसरे से सीधे जुड़ जायेंगे। जिनकी दूरी महज 25 से 30 किलोमीटर ही रह जाएगी जो फिलहाल करीब 100 किलोमीटर से ज्यादा की है और इसमें काफी वक्त भी लगता है। संस्कृति और कारोबार के लिहाज से भी सेतु मील का पत्थर साबित होने वाली है। क्योंकि गंगा नदी के दोनों ही किनारों पर आबादी की घनत्व अन्य इलाकों के अपेक्षा काफी अधिक है। इस सेतु के निर्माण का कार्य प्रारंभ होनो से क्षेत्र के लोगो मे काफी खुशी है।

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देश प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और बाबू वीर कुंवर सिंह के वीरता की गवाह भी है गंगानदी की शिवपुर घाट। गंगानदी के इसी ऐतिहासिक घाट पर वर्ष 1858 के 21 मार्च को अंग्रेजी हुकूमत से लड़ाई लड़ते हुए बाबू साहब ने उनके छक्के छुड़ा दिए थे। लेकिन गंगानदी को पार करते समय अंग्रेजों की गोली उनके हाथ मे लग गई। जिसके बाद उन्होंने गोली से जख्मी अपनी हाथ को तलवार के काटकर गंगा मां को समर्पित कर दिया था। तब से गंगानदी का यह पवित्र शिवपुर घाट ऐतिहासिक धरोहर है।

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