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मिश्रौली में विधायक राहुल तिवारी के जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसक झड़प

Mishrauli: शाहपुर विधायक राहुल तिवारी के समर्थक पर हमला: झड़प और बढ़ते तनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मी

  • हाइलाइट: Mishrauli
    • शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी के बीच तनाव और झड़प
    • मिश्ररौली गांव में विधायक समर्थक से मारपीट: पीड़ित ने सुनाई आपबीती

Mishrauli आरा। जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्रौली गाँव में जनसंपर्क अभियान पर निकले शाहपुर विधायक राहुल तिवारी के समर्थकों पर हमला हो गया, जिसमें उनके एक कार्यकर्ता, कृष्णा राम, गंभीर रूप से घायल हो गए। विधायक तिवारी ने इस घटना को “पूर्व नियोजित” हमला करार दिया है, जिसे कथित तौर पर दलित समुदाय के प्रति ईर्ष्या और विरोध की भावना से अंजाम दिया गया।

विधायक राहुल तिवारी ने घटना का विस्तृत ब्योरा देते हुए बताया कि वे अपने कार्यकर्ताओं, चित्रंजन पासवान और कृष्णाराम के साथ मिश्रौली पहुँचे थे। पुल पर उनके द्वारा स्वागत के बाद, काफिला गाँव के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरा और अंत में काली मंदिर में पूजा-अर्चना और पगड़ी रस्म के लिए वे लोग हमको लेकर पहुंचे थे। तिवारी के अनुसार, जैसे ही वे मंदिर के पास पहुँचे, किसी ने अचानक मंदिर की बत्तियाँ बुझा दीं।

उन्होंने बताया, “मंदिर की बत्तियाँ बुझते ही हमारे कार्यकर्ता चित्रंजन पासवान ने इसका विरोध किया और पूछा कि पूजा के समय बत्तियाँ क्यों बुझाई गईं। इसी बात पर गरमागरम बहस शुरू हो गई।” विधायक ने आगे बताया कि उस समय वे स्वयं भी मौके पर मौजूद थे और स्थिति काफी तनावपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि उनके साथ मौजूद कई लोगों, जिनमें स्थानीय मुखिया और मुन्ना जी जैसे व्यक्ति शामिल थे, ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और उन्हें रोकने का प्रयास किया।

तिवारी ने कहा, “हम भी उन लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तभी पीछे से लाठी-डंडों से लैस लगभग 10-15 लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया।” इस हमले में कृष्णा राम नामक हमारे कार्यकर्ता के सिर पर गंभीर चोट आई है और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया है। विधायक ने यह भी बताया कि हमलावरों ने चित्रंजन पासवान का गला पकड़ लिया था और उन्हें गला दबाने का प्रयास किया था।

विधायक राहुल तिवारी ने इस घटना को जलन, व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा हम दलित समुदाय के लोगों को लेकर घूम रहे थे और काफी भीड़ थी, जो उन लोगों को बर्दाश्त नहीं हुई। तिवारी ने दावा किया कि यह हमला “पूर्व नियोजित” था, जिसमें मंदिर की बत्तियाँ बुझाना और हमला करना शामिल था। उन्होंने कहा कि हमलावर जानबूझकर समस्या पैदा करने के लिए वहां मौजूद थे।

तिवारी ने यह भी बताया कि इस तरह की घटनाएँ पहले भी दलित समुदाय के लोगों के साथ मिश्रौली में हो चुकी हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से विरोधी पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमलावर संभवत जो गाँव में बहुसंख्यक हैं। उनके अनुसार, हमलावरों को यह देखकर ईर्ष्या हुई कि उनके साथ इतनी बड़ी भीड़ क्यों चल रही है।

हमलावरों की पहचान के संबंध में विधायक ने बताया कि गाँव के लोगों ने उनकी पहचान कर ली है और घटना का वीडियो भी बनाया गया है। उन्होंने एक हमलावर का नाम अंकित बताया है। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई और 112 नंबर पर फोन करने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। घायल कृष्णाराम का इलाज जारी है।

शाहपुर विधायक राहुल तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके समर्थकों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया, जिसमें उनके कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। विधायक ने इन घटनाओं के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और ईर्ष्या को मुख्य कारण बताया है।

विधायक राहुल तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे और उनके समर्थक कल सरना गांव में थे, जहाँ उन्हें घेरने और बकझक करने की कोशिश की गई। हालांकि, वे इस स्थिति से बचते हुए आगे निकल गए। उन्होंने बताया कि कुछ देर पहले मकदूमपुर में भी इसी तरह की समस्या उत्पन्न हुई, जिसके कारण उन्हें उस गांव को छोड़कर दूसरी ओर जाना पड़ा।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें जानबूझकर परेशान करने की कोशिश की जा रही है, तिवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वियों को उनकी लोकप्रियता और जनसमर्थन “बर्दाश्त नहीं हो रहा है”। उन्होंने कहा, “इन लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है, जलन की भावना है। हम लोग घूम रहे हैं, इतने लोग हैं, उन लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। तो गुस्सा जाहिर करने के लिए हमला किए, जबकि हम वहां मौजूद थे, और हम बहुत कोशिश किए बचाने का। लेकिन लाठी-डंडा निकाल लिया गया, तो हमारे कार्यकर्ता हमको साइड किए।”

विधायक ने बताया कि अपार जनसमर्थन के बावजूद, उन्हें कलपट्टी जाने का मन नहीं था, लेकिन उनके कार्यकर्ताओं के आग्रह पर वे वहां गए। अपनी चोटों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने बताया कि उन्हें सीधे तौर पर कोई चोट नहीं आई, लेकिन भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान उनके कार्यकर्ताओं ने उन्हें सुरक्षित रखने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने कहा, “धक्का-मुक्की मेरे साथ नहीं किया, लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं के साथ हम खड़े वहीं पे थे। हम कोशिश कर रहे थे समझाने का तब तक हमला हो गया।”

तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके साथ सीधे तौर पर दुर्व्यवहार नहीं किया गया, लेकिन उनके कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई। उन्होंने कहा, “कार्यकर्ता भिड़े हुए थे। हम साइड में थे, हम कोशिश कर रहे थे, उसको समझाने का, नहीं समझ पाए। हमारे कार्यकर्ता सबसे पहले हमको सेफ जोन पर लेकर चले आए। उन्होंने कहा आप किनारे हो जाइए, हम लोग देखते हैं। हम लोग समझाने की कोशिश करते हैं और हमको सेफ जोन पर ले आए कि मेरे साथ कुछ नहीं हो।”

इस घटना के बाद विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक से भी बात करने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

अपने समर्थकों को लगी चोटों के बारे में बताते हुए, तिवारी ने कहा कि “काफी चोट लगी, हॉस्पिटल में गए हैं। हेड इंजरी हुई है उनको।” उन्होंने इन हमलों के पीछे विरोधी लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने डुमरिया में हुई एक और घटना का जिक्र किया, जहाँ एक सिट्टू पटेल नामक युवक पर राजद का झंडा लगाने के बाद हमला किया गया और उसके घर में घुसकर मारपीट की गई व मोबाइल छीन लिया गया। तिवारी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और यह दर्शाता है कि विरोधी खेमे को हार बर्दाश्त नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, “इतनी भीड़, इतनी हुजूम है, इतने समर्थक साथ में रहते, तो उनको बर्दाश्त नहीं हो रहा है जिसके चलते यह घटना घट रही है।”

यह पूछे जाने पर कि प्रशासन इस मामले पर बात किये? तिवारी ने कहा कि वह जल्द ही जिले के पुलिस अधीक्षक से बात करेंगे। आपके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा, “मेरा मैक्सिमम वोटर जो है जनरली गरीब लोग हैं, और उस गांव के जो बेहद गरीब हैं, वह मेरे समर्थक हैं और वह बर्दाश्त उनको नहीं हो रहा है कि वह इनके समर्थक में कैसे आ गए। हमको लगता है कि लोग घबराहट में, गुस्सा में यह स्टेप उठा रहे हैं।”

Mishrauli – मिश्ररौली गांव में विधायक समर्थक से मारपीट: पीड़ित ने सुनाई आपबीती

इधर, मिश्ररौली गांव में गत रात राजद विधायक राहुल तिवारी के जनसम्पर्क के दौरान हुई मारपीट की घटना में घायल हुए विधायक समर्थक चितरंजन कुमार ने घटनाक्रम के बारे में बताया कि “हम लोग मिश्ररौली गांव में विधायक जी को काली मंदिर के पास लेकर आए थे। जब हम लोग काली माता के दर्शन करने मंदिर में गए, तो अचानक बिजली काट दी गई, जिससे चारों ओर अंधेरा छा गया।” उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बिजली काटे जाने का विरोध किया और पूछा कि लाइन क्यों काटी गई है, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और कहा कि वे राजद समर्थक हैं, इसलिए उनके साथ जबरदस्ती किया गया। चितरंजन ने आगे कहा, “हम लोग विधायक जी के समर्थन में थे, इसलिए उन लोगों ने जबरदस्ती हमसे झगड़ा किया और मारपीट की।”

हमलावरों की पहचान के बारे में पूछे जाने पर चितरंजन कुमार ने बताया कि वे सभी विरोधी समर्थक थे। उन्होंने बताया कि इस मारपीट में उनके साथ भाई कृष्णा राम के सर पे डंडा से मार दिया उनलोगों ने। इसका सर फट गया।” चितरंजन ने यह भी बताया कि उनके साथ भी मारपीट की गई।

पीड़ित चितरंजन पासवान ने हमलावरों में संजीव मिश्रा, पिता मुन्नू मिश्रा; अंकित मिश्रा, पिता मुन्नू मिश्रा; और आशुतोष पांडे, पिता विनोद पांडे के नाम भी बताए। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है, तो उन्होंने पुष्टि की कि नामजद एफआईआर हो गई है। उन्होंने बताया, “थाना के द्वारा आश्वासन दिया गया कि उचित कार्रवाई किया जाएगा।”

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