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तीन वर्ष पश्चात् कोईलवर थाना के मालखाना से परिवार संग मुक्त हुए रामलला

Ram Lalla: न्यायालय के आदेशानुसार बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित बड़का धकाईच के राम-जानकी मठ को लौटाई गईं।

jay kumar
  • हाइलाइट: Ram Lalla
  • अष्टधातु की ये प्रतिमाएँ अत्यंत प्राचीन हैं
  • नेपाल के महाराजा ने कराई थी स्थापना

आरा, बिहार। तीन वर्षों के लंबे अंतराल के पश्चात्, भोजपुर जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में संरक्षित ‘राम दरबार’ की सात अष्टधातु प्रतिमाओं तथा एक मुकुट को मंगलवार को विधिवत रूप से मुक्त कर दिया गया। ये मूर्तियाँ 6 लाख रुपये के बेल बांड पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) न्यायालय के आदेशानुसार बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित बड़का धकाईच के राम-जानकी मठ को लौटाई गईं। इस अवसर पर राम भक्तों में अपार हर्ष का माहौल देखा गया।

कोईलवर थाना परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के उपरांत, इन प्राचीन मूर्तियों को मठ के सचिव कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह तथा अधिवक्ता धनेश पांडेय सहित अन्य प्रतिनिधियों को सौंपा गया। वे सभी प्रतिमाओं को लेकर कृष्णब्रह्म स्थित मठ के लिए प्रस्थान कर गए।

उल्लेखनीय है कि ये दुर्लभ प्रतिमाएँ 21 जनवरी, 2023 को बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना अंतर्गत बड़का धकाईच स्थित राम-जानकी मठ से चोरी हुई थीं। चोरी की घटना के अगले ही दिन, यानी 22 जनवरी, 2023 को अहले सुबह कोईलवर पुलिस ने आरा-छपरा मोड़ से एक कार से इन सभी सात मूर्तियों और मुकुट को बरामद कर लिया था। इस कार्रवाई के दौरान एक चोर को एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार भी किया गया था।

Ram Lalla की चोरी और पुजारी भुवनेश्वर दास की हत्या

यह मठ पहले भी चोरी की ऐसी ही घटना का शिकार हो चुका है। इससे पूर्व 6 जून, 2011 को भी राम-जानकी मठ से तीन मूर्तियाँ चोरी हुई थीं, जिसमें तत्कालीन पुजारी भुवनेश्वर दास की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में भी तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था और चोरी हुई मूर्तियों को 2013 में कोईलवर थाना क्षेत्र से ही बरामद कर पुनः मठ में स्थापित किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन अष्टधातु प्रतिमाओं का अनुमानित मूल्य लगभग 60 करोड़ रुपये

अधिवक्ता धनेश पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि ये प्रतिमाएँ अत्यंत प्राचीन हैं, लगभग 300 वर्ष से भी पुराने इन अष्टधातु प्रतिमाओं का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित मूल्य लगभग 60 करोड़ रुपये है। बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी और कुसुम देवी द्वारा छह लाख रुपये का बेल बांड भरने के पश्चात् न्यायालय के आदेश से इन्हें मुक्त किया गया।

नेपाल के महाराजा ने कराई थी मठ में मूर्तियों की स्थापना

राम-जानकी मंदिर के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि इन मूर्तियों की स्थापना लगभग तीन सौ वर्ष पूर्व नेपाल के महाराजा ने इस मठ में कराई थी। मौके पर कोईलवर थानाध्यक्ष नरोतमचंद्र, अपर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार मंडल, पुष्कर कुमार और पूर्व मालखाना प्रभारी उपेंद्र चौधरी भी उपस्थित थे।

Bijay singh
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