Jawainia आरा। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जवईनिया गांव में गंगा नदी के भीषण कटाव को रोकने के लिए स्वीकृत हुए बोल्डर पिचिंग ठोकर के कार्य ने इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर क्षेत्र में श्रेय लेने की होड़ मची हुई है, जिस पर पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने तथ्यों और दस्तावेजों के साथ अपनी बात रखते हुए स्थिति स्पष्ट की है।
राहुल तिवारी ने कहा कि जवईनिया (Jawainia) के निवासियों की सुरक्षा और उनके घरों व खेतों को गंगा की धारा में समाहित होने से बचाने का यह प्रयास किसी एक दिन की बयानबाजी या घोषणा का नतीजा नहीं है। यह एक लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया और निरंतर किए गए ठोस पत्राचार का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य की नींव पिछले वर्ष ही रखी जा चुकी थी।
घटनाक्रम और दस्तावेजों का विवरण देते हुए पूर्व विधायक ने बताया कि उन्होंने 22 जुलाई 2025 को व्यक्तिगत रूप से माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस समस्या की गंभीरता से अवगत कराया था। इस पत्र के संज्ञान में आने के बाद, 4 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा आधिकारिक जवाब प्राप्त हुआ, जिसमें विषय को संबंधित विभाग को अग्रेषित करने और इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया गया था।
इन निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप, विभाग द्वारा 3 जनवरी 2026 को ही जवईनिया गांव में बोल्डर पिचिंग ठोकर के निर्माण हेतु निविदा (टेंडर) स्वीकृत कर दी गई थी। इसकी विभागीय सूचना भी उन्हें समय पर प्राप्त हो गई थी। राहुल तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब 3 जनवरी 2026 को कार्य पहले ही स्वीकृत हो चुका था, तो वर्तमान विधायक द्वारा 17 फरवरी 2026 को विधानसभा में इस मुद्दे को प्रश्न के रूप में उठाना केवल जनता को गुमराह करने और पहले से तय हो चुके कार्य का झूठा श्रेय लेने की एक कोशिश मात्र है।
उन्होंने आगे कहा कि जब जवईनिया (Jawainia) की जनता कटाव की त्रासदी झेल रही थी, तब जमीनी स्तर पर पत्राचार और साक्ष्यों के साथ सरकार तक बात पहुँचाने का काम उन्होंने किया था। विभाग द्वारा जारी सैंक्शन लेटर में उनके नाम का उल्लेख होना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया है।
राहुल तिवारी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि शाहपुर की जागरूक जनता अब केवल नारों या कैमरों के सामने दी गई प्रतिक्रियाओं से प्रभावित होने वाली नहीं है। उन्होंने दोहराया कि वे राजनीति में दिखावे के बजाय बिना किसी शोर-शराबे के सत्य और सेवा के आधार पर जनता के बीच रहने में विश्वास रखते हैं। जनता स्वयं इस बात का फैसला करेगी कि वास्तव में किसने उनके भविष्य की चिंता की और कौन केवल विकास कार्यों की राजनीति कर रहा है।


