MLC By-election:लालदास राय 2003 में जीते थे एमएलसी चुनाव और राधाचरण साह 2015 व 2022 में हुए थे विजयी
- हाइलाइट:
- एमएलसी चुनाव : दो पूर्व विधान पार्षदों के पुत्र आमने-सामने
आरा, बिहार। भोजपुर सह बक्सर स्थानीय निकाय एमएलसी उपचुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। एनडीए और महागठबंधन, दोनों प्रमुख गठबंधनों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, जिसके साथ ही इस चुनाव की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है। यह उपचुनाव न केवल राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई है, बल्कि यह दो पूर्व विधान पार्षदों की विरासत के बीच का सीधा मुकाबला भी बन गया है।
महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल ने पूर्व एमएलसी लालदास राय के पुत्र और युवा राजद नेता सोनू कुमार राय को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, एनडीए खेमे से जनता दल यूनाइटेड ने पूर्व विधान पार्षद और संदेश के वर्तमान विधायक राधाचरण साह के पुत्र कन्हैया प्रसाद पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। प्रत्याशियों के नाम घोषित होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
MLC By-election: पहली बार चुनाव में राजद के टिकट पर जीते लालदास राय
इस सीट का चुनावी इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2003 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुआ था, जिसमें राजद के टिकट पर लालदास राय ने जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2009 के चुनाव में उन्हें हुलास पांडेय से पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2015 के चुनाव में राजद के टिकट पर राधाचरण साह ने जीत हासिल की। राधाचरण साह ने न केवल 2015 में सफलता प्राप्त की, बल्कि 2022 के चुनाव में भी राजद के उम्मीदवार अनिल सम्राट को हराकर लगातार दूसरी बार इस सीट पर कब्जा जमाया।
अभी तक किसी तीसरे बड़े प्रत्याशी के नाम की चर्चा नहीं
वर्तमान में यह उपचुनाव राधाचरण साह के संदेश विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने के बाद रिक्त हुई सीट पर हो रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों प्रमुख गठबंधनों के प्रत्याशियों के बीच केंद्रित रहेगा। हालांकि अभी तक किसी तीसरे बड़े प्रत्याशी के नाम की चर्चा नहीं है, जिससे यह मुकाबला पूरी तरह से दो परिवारों और दो विचारधाराओं के बीच सिमट गया है।
यह उपचुनाव जहां एक ओर युवा नेताओं के लिए अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करने का अवसर है, वहीं दूसरी ओर दोनों प्रमुख गठबंधनों के लिए क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत करने की अग्निपरीक्षा भी है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बैठकों का दौर शुरू है, हलाकी, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों की भूमिका इस परिणाम को तय करने में निर्णायक साबित होगी।


