Ishwarpura Bridge: शाहपुर प्रखण्ड के ईश्वरपुरा-लालू डेरा पथ पर निर्माणाधीन पुल के ठेकेदार ने करनामेपुर थाने में आवेदन दे नामजद युवकों पर लगाये गंभीर आरोप
- हाइलाइट: Ishwarpura Bridge
- पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से सत्ता पक्ष पर सीधा हमला बोला है
- कहा: शाहपुर क्षेत्र में विकास कार्यों को बाधित कर रंगदारी वसूलने का एक संगठित खेल खेला जा रहा है
- विधायक राकेश ओझा ने इसे अपनी छवि खराब करने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया
- कहा: पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग, जो भविष्य में एक बड़े हादसे को न्योता दे सकता है
आरा। जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के ईश्वरपुरा-लालू डेरा पथ पर निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल वर्तमान में विकास की राह सुगम करने के बजाय राजनीतिक विवाद और सनसनीखेज आरोपों का केंद्र बन गया है। यह परियोजना अब भ्रष्टाचार, रंगदारी और आपराधिक धमकियों के आरोपों के बीच उलझकर रह गई है।
Ishwarpura Bridge: ठेकेदार ने थाने में दिया आवेदन
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पुल निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार संजय सिंह ने करनामेपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। ठेकेदार का आरोप है कि दो युवकों ने हथियार के बल पर उनके कर्मचारियों के साथ मारपीट की, उनके मुंशी से नगद राशि लूटी और काम बंद करने का दबाव बनाया। ठेकेदार के अनुसार, उन्हें एक जनप्रतिनिधि का नाम लेकर काम रोकने और अन्यथा जान से मारने की धमकी भी दी गई है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। करनामेपुर पुलिस द्वारा साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच की जा रही है।
पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने कहा: रंगदारी वसूलने का एक संगठित खेल
इस प्रकरण ने राजनीतिक गलियारों सहित क्षेत्र व जिले में हलचल पैदा कर दी है। पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से सत्ता पक्ष पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि शाहपुर क्षेत्र में विकास कार्यों को बाधित कर रंगदारी वसूलने का एक संगठित खेल खेला जा रहा है।
विधायक राकेश ओझा ने कहा: पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग
दूसरी ओर, वर्तमान विधायक राकेश ओझा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। विधायक ओझा ने पलटवार करते हुए निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। उनका दावा है कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री और जंग लगे पुराने लोहे का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो भविष्य में एक बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
विधायक ने बताया कि उनके शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया है और इंजीनियरों की एक टीम, पुल निर्माण की गुणवत्ता जांच करेंगी। उनके अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सबके सामने होगी। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में, एक तरफ रंगदारी और धमकी जैसे गंभीर आपराधिक मामले हैं, तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के गंभीर आरोप।


