Bihar Government Pind Daan: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलौटी गांव में आज मंगलवार को शोक और आक्रोश का मिला-जुला माहौल है।
- हाइलाइट: Bihar Government Pind Daan
- भरत तिवारी की हत्या हुए 12 दिन बीत चुका है, आज 13वीं है
- ग्रामीणों का कहना है की असली हत्यारे कानून की पकड़ से बाहर हैं
- सरकार ने जगदीशपुर एसडीएम को नहीं हटाया, कैसे होगी निष्पक्ष जांच
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलौटी गांव में आज मंगलवार को शोक और आक्रोश का मिला-जुला माहौल है। गांव के निवासी भरत भूषण तिवारी के निधन के बाद जहां एक तरफ उनके परिजन श्राद्धकर्म और ब्रह्मभोज की पारंपरिक रस्मों की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ गांव के लोगों ने एक अनोखा और विरोध स्वरूप प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। ग्रामीण अब सरकार के भी पिंडदान करने की पूर्व तैयारी व मन बना चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए स्थानीय ग्रामीण पंकज त्रिपाठी ने प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भरत तिवारी की हत्या हुए 12 दिन बीत चुका है, आज 13वीं है। लेकिन अब तक असली हत्यारे कानून की पकड़ से बाहर हैं। पंकज के अनुसार, घटना का वीडियो फुटेज सार्वजनिक होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
Bihar Government Pind Daan: भरत तिवारी पर बाकी गोलियां कब, कहां और किन परिस्थितियों में मारी गईं?
मामले की गंभीरता को इसी बात से समझा जा सकता है कि पुलिस द्वारा बताई गई तीन गोली मारने की कहानी की पोल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी है। ग्रामीणों का तर्क है कि घटनास्थल पर तीन गोलियां लगी थीं, तो बाकी गोलियां कब, कहां और किन परिस्थितियों में मारी गईं और उन्हें चलाने वाला कौन था? ये ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी तक नहीं मिल सके हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब ये सारी जानकारियां पब्लिक डोमेन में आ चुकी हैं, तब भी सरकार ने जगदीशपुर एसडीएम और अन्य कथित दोषियों पर चुप्पी साध रखी है। इसी व्यवस्थागत विफलता से आहत होकर बिलौटी के निवासियों का कहना है कि जो सरकार न्याय दिलाने में सक्षम नहीं है या न्याय के प्रति गंभीर नहीं है, उसका समय से पहले पिंडदान करना ही उचित है।
बिलौटी गांव के ग्रामीणों यह प्रतीकात्मक विरोध दर्शा रहा है कि पीड़ित परिवार और ग्रामीण सरकार के अब तक की कारवाई से नाखुश है और वे इस मामले में निष्पक्ष जांच के साथ जगदीशपुर एसडीएम सहित अन्य दोषियों त्वरित कार्रवाई की मांग पर अडिग हैं।




