Bharat Tiwari Brahmabhoj: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के निधन के उपरांत उनके श्राद्धकर्म और ब्रह्मभोज को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
- हाइलाइट: Bharat Tiwari Brahmabhoj
- करीब 100 हलवाई और 300 से अधिक सहायक व्यवस्था करने में जुटे हैं
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के निधन के उपरांत उनके श्राद्धकर्म और ब्रह्मभोज को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे हैं।
अनुमान के मुताबिक, इस ब्रह्मभोज में 15 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इतनी बड़ी संख्या में मेहमानों के स्वागत और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए करीब 100 हलवाई और 300 से अधिक सहायक दिन-रात काम कर रहे हैं। भोजन तैयार करने के लिए बड़े स्तर पर एलपीजी सिलेंडर और कोयले का उपयोग किया जा रहा है, ताकि समय पर व्यवस्था पूरी की जा सके।
कार्यक्रम की सुचारू रूप से निगरानी के लिए आसपास के गांवों से लगभग 500 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। ये स्वयंसेवक आगंतुकों की सुविधा और आयोजन स्थल पर अनुशासन बनाए रखने में मदद करेंगे। पीने के पानी की समस्या न हो, इसके लिए पानी के टैंकरों के साथ-साथ बोतलबंद पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
Bharat Tiwari Brahmabhoj : मौसम के मिजाज को देखते हुए वाटरप्रूफ टेंट भी बनाए गए
श्रद्धांजलि सभा के लिए भरत तिवारी के घर के समीप एक विशाल टेंट लगाया गया है। मौसम के मिजाज को देखते हुए कुछ स्थानों पर वाटरप्रूफ टेंट भी बनाए गए हैं, ताकि बारिश होने की स्थिति में भी लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
आयोजन की तैयारियों में भरत तिवारी के परिजनों के साथ उनके रिश्तेदार और स्थानीय समाजसेवक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना चाहते हैं। परिजनों के अलावा भरत तिवारी के मामा ब्रह्मपुर निवासी भगवती पांडे, रिश्तेदार मंगल पांडे तथा गांव के समाजसेवी पंकज त्रिपाठी आयोजन की तैयारियों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
उनके अनुसार कई लोग स्वेच्छा से आयोजन के लिए सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं। लोगों के सहयोग के संदर्भ में परिवार का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने किसी से कोई आर्थिक मदद नहीं मांगी है, हालांकि अपनी इच्छा से मदद करने वालों को वे मना भी नहीं कर रहे हैं।




