Doghara Bihiya Accident: आरा-बक्सर हाईवे पर बिहिया चौरास्ता के दोघरा गांव के समीप रविवार की अहले सुबह स्कॉर्पियो और ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर में दो पुरुष और एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, स्कॉर्पियो पर सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
- हाइलाइट: Doghara Bihiya Accident
- प्रकाश और पल्लवी की शादी 12 फरवरी को हुई थी
- मनाली से लौटते समय, देघरा गांव NH-922 पर हुआ हादसा
आरा। भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आरा-बक्सर हाईवे-NH-922 पर रविवार की अहले सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। बिहिया चौरास्ता के समीप देघरा गांव के निकट एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी, टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद आरा सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
मृतकों की पहचान प्रकाश सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी सिंह और उनके रिश्तेदार सौरव सिंह के रूप में हुई है। सौरव सिंह सारण जिले के सोनपुर स्थित शीतलपुर स्माइल गांव के निवासी बताए जाते हैं। वहीं, घायल की पहचान सिट्टू सिंह उर्फ कुमार गौरव के रूप में की गई है, जिसे गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया है।
Doghara Bihiya : प्रारंभिक जांच में पीछे से टक्कर की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक दंपत्ति झारखंड के देवघर जिले के निवासी थे। वे हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मनाली से पर्यटन के बाद नोएडा होते हुए अपने घर देवघर लौट रहे थे। सुबह करीब साढ़े छह बजे जब वे बिहिया के समीप पहुंचे, तभी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही बिहिया थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और शवों का पोस्टमार्टम आरा सदर अस्पताल में कराया जा रहा है।
प्रकाश और पल्लवी का वैवाहिक जीवन अभी शुरू ही हुआ था। दोनों की शादी इसी वर्ष 12 फरवरी को हुई थी। शादी के उपरांत वे नेपाल के पशुपतिनाथ दर्शन और कुल्लू-मनाली की यात्रा पर गए थे। नोएडा में अपने बहनोई से मिलने के बाद वे देवघर की ओर प्रस्थान कर रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। प्रकाश मूल रूप से बिहार के सारण जिले के रहने वाले थे और झारखंड के देवघर में रहकर निजी कंपनी में कार्यरत थे।

