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बिहार में अपराध और नक्सलवाद के खिलाफ एसटीएफ की इस वर्ष की उपलब्धियां

Encounters Data: एसटीएफ के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) संजय कुमार सिंह ने पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस वर्ष की उपलब्धियों और बल की कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी साझा की।

  • हाइलाइट: Encounters Data
  • पुलिस एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों की संख्या का हिसाब- किताब जारी
    जनवरी 2026 से लेकर अभी तक कुल 19 एनकाउंटर हुए, तीन अपराधी ढेर

पटना: बिहार में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बिहार विशेष कार्य बल (एसटीएफ) निरंतर सक्रिय है। राज्य में संगठित अपराध और नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एसटीएफ के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) संजय कुमार सिंह ने पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस वर्ष की उपलब्धियों और बल की कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी साझा की।

Encounters Data: एसटीएफ की कार्रवाई और मुठभेड़ों का विवरण

डीआईजी संजय कुमार सिंह के अनुसार, इस वर्ष अब तक एसटीएफ ने अपराधियों और नक्सलियों के साथ कुल 19 मुठभेड़ की हैं। इन सख्त अभियानों के परिणामस्वरूप तीन अपराधी मारे गए हैं, जबकि 18 अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भोजपुर जिले में हुई भरत तिवारी की कथित मुठभेड़ से संबंधित आंकड़े अभी इस सूची में शामिल नहीं किए गए हैं, क्योंकि उस मामले की जांच वर्तमान में प्रक्रियाधीन है।

गिरफ्तारियों का आंकड़ा और वांछित अपराधियों पर शिकंजा

एसटीएफ की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष अब तक बल ने 38 नक्सलियों और 1,716 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इन गिरफ्तारियों में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि वांछित अपराधियों और नक्सलियों की शीर्ष 10 और शीर्ष 20 सूची के 165 अपराधियों की धर-पकड़ है। एसटीएफ इन तत्वों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि राज्य में शांति व्यवस्था बनी रहे।

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक प्रहार

नशाखोरी के बढ़ते खतरे को देखते हुए एसटीएफ के स्वापक प्रकोष्ठ ने व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 163 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, 2,188 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है, जिनमें 5.7 किलोग्राम हेरोइन, 13.43 किलोग्राम अफीम, 11.5 किलोग्राम चरस, 2,062 किलोग्राम गांजा और 96 किलोग्राम चूरा पोस्त शामिल है। डीआईजी ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण और मानवीय खुफिया तंत्र के माध्यम से बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सक्रिय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने का काम किया जा रहा है।

अवैध हथियार निर्माण और जब्ती

बिहार पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एसटीएफ ने हथियारों के अवैध निर्माण के खिलाफ भी बड़ा प्रहार किया है। कार्रवाई के दौरान 33 छोटी अवैध हथियार निर्माण इकाइयों (मिनी गन फैक्ट्री) का भंडाफोड़ किया गया है। इसके अतिरिक्त, बड़ी मात्रा में आधुनिक और देशी हथियार जब्त किए गए हैं, जिनमें दो एके-47, एक एके-56, दो इंसास राइफल, एक कार्बाइन, पांच अर्द्धस्वचालित पिस्तौल और एक ग्लॉक पिस्तौल शामिल है। इसके साथ ही 398 देशी हथियार, 178 अर्धनिर्मित हथियार और 3,195 कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

आर्थिक अपराध और बलिदान

लूट की वारदातों को रोकने के लिए एसटीएफ ने बैंक, आभूषण और गोल्ड लोन लूट गिरोहों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर 113 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 10 किलोग्राम सोना, 50 किलोग्राम चांदी और एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है। शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के इस कठिन कार्य में एसटीएफ के दो जांबाज जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। मार्च में मोतिहारी और जून में जहानाबाद में अपराधियों के खिलाफ अभियान के दौरान इन जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

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