Alert in Shahapur: भोजपुर जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने शनिवार को शाहपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
- हाइलाइट: Alert in Shahapur
- गंगा के तेवर देख शाहपुर में हाई अलर्ट, डीएम ने नाव, राशन और दवाओं का लिया हिसाब
- बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने अधिकारियों को दिए तैयारी के निर्देश
- जवइनिया में कटावरोधी कार्य का डीएम ने किया निरीक्षण, यूपी के डीएम से करेंगे बात
- दस माह से तटबंध पर कट रही जिंदगी, डीएम के सामने छलका कटाव पीड़ितों का दर्द
आरा। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए भोजपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने शनिवार को शाहपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनेश मीणा ने सभी संबंधित विभागों को बाढ़ पूर्व की तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े आपूर्ति, स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि और मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। डीएम ने इन विभागों से विशेष रूप से दवाओं के स्टॉक, खाद्यान्न की उपलब्धता, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था, राहत कार्यों के लिए आवश्यक पॉलीथिन शीट, तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव और अनुभवी नाविकों की तैनाती के संबंध में जानकारी ली।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने बाढ़ से संभावित रूप से प्रभावित होने वाली खड़ी फसलों के रकबे का आकलन करने का निर्देश दिया ताकि किसानों को होने वाले नुकसान का सटीक ब्यौरा तैयार किया जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाढ़ काल के दौरान राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाएं त्रुटिहीन होनी चाहिए।
समीक्षा बैठक से पूर्व, जिलाधिकारी ने जवइनिया गांव के समीप गंगा नदी के तट पर चल रहे कटावरोधी बोल्डर पिचिंग कार्य का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर कटावरोधी कार्य के मध्य एक अंतराल बना हुआ है। इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गैप को भरने के लिए उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों को कटाव से सुरक्षित रखा जा सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों और कटाव से प्रभावित परिवारों से सीधी बात की और वस्तुस्थिति की जानकारी ली।
दमोदरपुर गांव के पास का दृश्य विशेष रूप से संवेदनशील रहा, जहां पिछले दस माह से तटबंध पर शरण लिए हुए कटाव पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी को अपनी व्यथा सुनाई। पीड़ितों की स्थिति देखकर जिलाधिकारी ने स्वयं रुककर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। प्रभावित महिलाओं ने उचित मुआवजे और सुरक्षित आवासीय भूमि की मांग रखी। जिलाधिकारी ने इन परिवारों को आश्वस्त किया कि सरकारी नियमानुसार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उनके पुनर्वास एवं जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक व निरीक्षण के दौरान डीसीएलआर सह प्रभारी एसडीएम अमरेंद्र कुमार, बीडीओ शत्रुंजय कुमार सिंह, सीओ आनंद प्रकाश, आरओ रश्मि सागर,एमओआईसी डा. अतिउल्लाह अंसारी,एमओ शंभु शरण सिंह, बीएओ देवानंद रजक, मुखिया बीरबल सिंह, भरत ओझा, सुबास चौधरी, दिनेश यादव, उज्ज्वल सिंह, मनोज ठाकुर, मुन्ना प्रसाद, अंकित पांडे, बंटी पांडे, विष्णु राम, बिनोद साह सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

