Bhojpuri Art: नाबार्ड ने भोजपुर पीड़िया चित्रकारी के कलाकारों को जीआई टैग के लाभ बताए, आरबीआई ने सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया जागरूक
- हाइलाइट: Bhojpuri Art
- जीआई टैग भोजपुर पीड़िया चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है
आरा। संभावना आवासीय उच्च विद्यालय सोमवार में सर्जना ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘भोजपुरी कला यात्रा’ के तहत भोजपुर पीड़िया चित्रकारी से जुड़े कलाकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नाबार्ड एवं आरबीआई की ओर से कलाकारों और प्रतिभागियों को जीआई टैग के महत्व, इसके लाभ, वित्तीय समावेशन तथा सुरक्षित बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में नाबार्ड की डीडीएम सुरभि ने भोजपुर पिड़िया चित्रकारी के कलाकारों को जीआई टैग के महत्व एवं इसके व्यावहारिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीआई टैग भोजपुर पीड़िया चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है।
इससे इस पारंपरिक कला को बड़े बाजार, नए खरीदारों और बेहतर विपणन अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं, उन्होंने कलाकारों को जीआई के अधिकृत उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण कराने के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इससे वास्तविक कलाकारों की पहचान स्थापित करने और नकली अथवा अनधिकृत रूप से पीड़िया चित्रकारी के नाम का इस्तेमाल करने वालों से इस पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
डीडीएम नाबार्ड ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीआई टैग को केवल प्रमाण-पत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपनी कला की पहचान मजबूत करने, बाजार का विस्तार करने और आय के नए अवसर सृजित करने के माध्यम के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने भोजपुर पिड़िया चित्रकारी के संरक्षण, संवर्धन और इसके व्यापक बाजार से जुड़ाव की संभावनाओं पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के दूसरे महत्वपूर्ण सत्र में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से वित्तीय समावेशन एवं सुरक्षित बैंकिंग को लेकर प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।
बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित उपयोग, बचत, डिजिटल बैंकिंग तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों से ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई। इस प्रकार ‘भोजपुरी कला यात्रा’ के माध्यम से एक ही मंच पर भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को उनके अधिकार, जीआई टैग की उपयोगिता, बाजार की संभावनाओं और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
संचालन सर्जना न्यास के अध्यक्ष चित्रकार संजीव सिन्हा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रचार्या डाॅ. अर्चना सिंह, निदेशक कुमार द्विजेन्द्र , रंगकर्मी ओ.पी. पाण्डेय, राजीव रंजन, मीरा, खुशबू, विष्णु शंकर, प्रिया पाण्डेय, सुनीता सिंह, अनिता पाण्डेय, निमा, शशि भूषण, दिपा श्रीवास्तव, मदुरई, समेत कई कलाकार व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।















