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साह के समर्थन मे सियासत के मोहरे फिट करने मे जुटे बिजेंद्र यादव

Ara-Buxar Legislative Council Election: अधिसूचना जारी होते ही बढ़ी चुनावी सरगर्मी

जदयू के राधाचरण साह और राजद के अनिल सम्राट में चुनावी टक्कर के आसार

कांग्रेस और लोजपा रामबिलास के उम्मीदवारों का इंतजार

खबरे आपकी बिहार बिहार में 24 विधानपरिषद सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना जारी होते ही आरा-बक्सर त्रिस्तरीय विधान परिषद चुनाव को लेकर भोजपुर एवं बक्सर जिले में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। यहां जदयू की ओर से पूर्व विधान पार्षद राधाचरण साह और राजद की ओर से अनिल सम्राट पहले से ही चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं।

Ara-Buxar Legislative Council Election:4 अप्रैल 2022 को वोटिंग 7 अप्रैल को रिजल्ट

बिहार विधान परिषद के 24 सीटों के लिए 9 मार्च से नामांकन शुरू होगा और 16 मार्च तक प्रत्याशी अपना नामांकन का पर्चा भर सकेंगे। 17 मार्च 2022 को नामांकन का स्क्रूटनी होगी और 21 मार्च 2022 तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकेंगे । चुनाव आयोग के अनुसार सुबह 8 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए 4 अप्रैल 2022 को वोटिंग होगी। वहीं 7 अप्रैल को चुनाव का रिजल्ट आएगा।

Ara-Buxar Legislative Council Election

बता दें कि पिछले चुनाव में राधाचरण साह जदयू समर्थित राजद उम्मीदवार थे और निवर्तमान विधानपार्षद हुलास पांडेय को हरा कर वे पहली बार विधान परिषद में पहुंचने में कामयाब रहे थे। महागठबंधन से जदयू के हटने के कुछ समय बाद के राजनीतिक घटनाक्रम में राधाचरण साह राजद छोड़ जदयू में शामिल हो गये। लिहाजा सीटिंग होने के चलते जदयू ने उन पर ही दांव लगाया है। राधाचरण साह के समर्थन में एकजुट एनडीए पूरी ताक़त से ही लगा हुआ है। प्रखंडवार बैठकें हो चुकी हैं।

विधानसभा चुनाव में अनिल सम्राट की वजह से बिजेंद्र यादव को हार का सामना करना पड़ा था

वहीं राजद उम्मीदवार अनिल सम्राट विधान परिषद के चुनाव में पहली बार उतर रहे हैं। एक दौर था तब अनिल सम्राट राजद के युवा नेता के रूप में भोजपुर जिला में काफी लोकप्रिय थे और वे पूर्व में राजद के बागी के रूप में संदेश विधानसभा क्षेत्र के चुनावी अखाड़े में उतरे थे। तब वे खुद तो जीत दर्ज करने में सफल नहीं हुए थे, लेकिन तब राजद उम्मीदवार रहे पूर्व विधायक बिजेंद्र यादव को हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान में पूर्व विधायक बिजेंद्र यादव जदयू मे है और राधाचरण साह के समर्थन मे सियासत के मोहरे फिट करने मे जुटे हुए है।

पिछले विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर राजनीति में सक्रिय अनिल सम्राट को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से निकटता का लाभ मिला है और राजद ने उन्हें यहां से उम्मीदवार घोषित कर दिया है। राजद व कांग्रेस में तनातनी के बीच कांग्रेस ने उम्मीदवार देने की घोषणा की है तो लोजपा रामबिलास की ओर से भी उम्मीदवार उतारे जाने की चर्चा है।

पिछले विधान परिषद चुनाव में राधाचरण साह, हुलास पांडेय को पटखनी देने में हुए थे कामयाब

पिछले विधान परिषद चुनाव में जदयू-राजद समर्थित उम्मीदवार राधाचरण साह और एनडीए समर्थित लोजपा उम्मीदवार हुलास पांडेय के बीच मुकाबला हुआ था। तब हुलास पांडेय निवर्तमान एमएलसी थे, जबकि राधाचरण साह पहली बार चुनावी अखाड़े में उतरे थे। तब विधानसभा चुनाव की तरह ही एमएलसी चुनाव में राजद-जदयू के गठजोड़ ने रंग लाया था और राधाचरण साह, हुलास पांडेय को पटखनी देने में कामयाब हो गये थे।इस बार पूर्व एमएलसी हुलास पांडेय अब तक उम्मीदवारी के तौर पर सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं।

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