HomeNewsबिहारपार्षदों ने बजट को बताया 'लूट-खसोट' का दस्तावेज

पार्षदों ने बजट को बताया ‘लूट-खसोट’ का दस्तावेज

Document of Loot: आरा नगर निगम की बजट बैठक में भारी हंगामा: भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पार्षदों ने बजट को बताया ‘लूट-खसोट’ का दस्तावेज

  • हाइलाइट: Document of Loot
  • उप मेयर के प्रतिनिधि ने लगभग 20 करोड़ रुपये के घोटाले की ओर किया इशारा

आरा नगर निगम की वार्षिक बजट बैठक उस समय विवादों और हंगामे की भेंट चढ़ गई जब मेयर और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बैठक के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लगभग 19 पार्षदों ने एकजुट होकर मेयर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और पेश किए गए बजट को पूरी तरह से ‘लूट-खसोट’ वाला बजट करार दिया। पार्षदों का स्पष्ट आरोप है कि इस बजट को तैयार करने में पारदर्शिता का नितांत अभाव रहा है और कई महत्वपूर्ण योजनाओं में मनमाने ढंग से प्रावधान किए गए हैं।

Document of Loot : उप मेयर ने कहा मैं इस बजट का पुरजोर विरोध करती हूं

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला रुख उप मेयर का रहा, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बजट का विरोध करते हुए मेयर पर कई आरोप लगाया है। उप मेयर ने स्पष्ट किया कि मेयर ने उन्हें गुमराह किया और जल्दबाजी का हवाला देते हुए उनसे फाइलों पर हस्ताक्षर करवा लिए। मेयर ने कहा कि जल्दी में साइन कर दीजिए, उस समय मुझे कुछ समझ नहीं आया। उन्होंने यह विश्वास दिलाया था कि सब ठीक है, लेकिन मैं इस बजट का पुरजोर विरोध करती हूं और इसे अपनी सहमति नहीं देती। बैठक में मैंने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन मेरी आवाज को अनसुना कर दिया गया।”

20 करोड़ रुपये के घोटाले:वित्तीय अनियमितताओं का ब्यौरा देते हुए उप मेयर के प्रतिनिधि ने भ्रष्टाचार के गंभीर दावे किए। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि बजट में 8 करोड़ रुपये केवल डस्टबिन खरीदने के लिए आवंटित किए गए हैं, जबकि 20 करोड़ रुपये वाहनों के मेंटेनेंस के नाम पर दिखाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डस्टबिन की राशि को अवैध तरीके से निकाल लिया गया है। साथ ही, यह भी मांग की गई कि निगम के जेसीबी, ट्रैक्टर और अन्य उपकरणों के रखरखाव के नाम पर हो रहे खर्च की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। आरोप है कि मेयर के निजी स्टाफ के नाम पर फर्जी तरीके से जीएसटी बिल बनाकर सामग्री की खरीद और मरम्मत दिखाई जा रही है, जो सीधे तौर पर लगभग 20 करोड़ रुपये के घोटाले की ओर इशारा करता है।

पार्षदों ने आरा नगर निगम के इतिहास का ‘काला दिन’ बताया

विरोध कर रहे पार्षदों और उप मेयर के अनुसार, बिहार के नगर निगम इतिहास में शायद यह पहला ऐसा अवसर है, जहां वार्षिक बजट को सदन में बहुमत का समर्थन प्राप्त नहीं हो सका। पार्षदों ने इस दिन को नगर निगम के लोकतांत्रिक इतिहास के लिए एक ‘काला दिन’ बताया है।

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