Bhojpuriya: अखिल भारतीय यादव महासंघ, भोजपुर के जिलाध्यक्ष यादव रामसकल सिंह भोजपुरिया ने इस दुखद घटना के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बड़बोले बयानों को जिम्मेदार ठहराया।
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- यादव रामसकल सिंह भोजपुरिया दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
दिल्ली। बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव के निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित मुठभेड़ में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में बिहार सहित देश के कई अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग जुटे और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
Bhojpuriya : उच्च स्तरीय जांच के लिए संयुक्त संसदीय टीम गठित करने की पुरजोर मांग
इस प्रदर्शन के दौरान मृतक भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी देवी और छोटे भाई चंदन तिवारी मंच पर उपस्थित रहे। परिवार के प्रति एकजुटता दिखाते हुए अखिल भारतीय यादव महासंघ, भोजपुर के जिलाध्यक्ष यादव रामसकल सिंह भोजपुरिया ने भी इस धरने में भागीदारी सुनिश्चित की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने इस घटना को एक सुनियोजित हत्या करार देते हुए कहा कि जिसे पुलिस एनकाउंटर बता रही है, वह वास्तव में वर्दीधारियों द्वारा की गई बर्बर हत्या है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के लिए संयुक्त संसदीय टीम गठित करने की पुरजोर मांग की।
भोजपुरिया ने इस दुखद घटना के लिए सम्राट चौधरी के बड़बोले बयानों को जिम्मेदार ठहराया।
यादव रामसकल सिंह भोजपुरिया ने इस दुखद घटना के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बड़बोले बयानों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सभी आरोपी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और इस केस की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
जंतर-मंतर पर आयोजित इस विरोध सभा में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन और जनप्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्याम कुमार मुन्नू, पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, यामिनी रंजन मिश्रा, नागेश सम्राट, दक्ष चौधरी, दीपक पंडित, हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स, पंकज त्रिपाठी, सरोज त्रिपाठी और रमेश कुमार सुदामा सहित हजारों की संख्या में समर्थकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर न्याय की मांग का समर्थन किया।
बिलौटी गांव से निकलकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भरत भूषण तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाज का एक बड़ा वर्ग एकजुट है और वे इस लड़ाई को तब तक जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं जब तक दोषियों को उनके किए की सजा नहीं मिल जाती।

