Bihia Today: दीपावली और छठ पूजा को लेकर 15 सार्वजनिक स्थलों पर चल रहा जागरूकता अभियान; लोकभाषा और देसी अंदाज में लोगों को स्वच्छता के प्रति किया जा रहा जागरूक
- हाइलाइट: Bihia Today
- भोजपुरी लोकगीत और नुक्कड़ नाटक के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है।
- कार्यक्रम में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की लोगों से अपील की गई।
Bihia Today। भोजपुर जिले के बिहिया नगर में अपनी माटी की भाषा भोजपुरी, पारंपरिक गीत-संगीत और देसी अंदाज के जरिए कलाकार लोगों को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। दीपावली और छठ पूजा को देखते हुए बिहिया नगर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर स्वच्छता पदाधिकारी अभिषेक राज के समन्वय से कलाकार नगर के सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर रहे हैं। मंदिरों, स्कूलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
भोजपुरी में दिया जा रहा संदेश: अभियान की खास बात यह है कि स्वच्छता जागरूकता का माध्यम भोजपुरी भाषा और लोक संस्कृति को बनाया गया है। कलाकार भोजपुरी लोकगीत, संवाद और अभिनय के जरिए आम लोगों को स्वच्छता का महत्व समझा रहे हैं।
भोजपुरी की मिठास, पारंपरिक धुनों और देसी अंदाज के कारण लोग कार्यक्रम से आसानी से जुड़ रहे हैं। गीतों और नाटकों के माध्यम से लोगों से अपने घर, मोहल्ले और नगर को स्वच्छ रखने की अपील की जा रही है।
कार्यक्रमों में यह संदेश दिया जा रहा है कि सामूहिक प्रयास से बिहिया नगर को स्वर्ग जैसा सुंदर बनाया जा सकता है। लोगों को आसपास की गंदगी दूर करने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
Bihia Today: 15 सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम
नगर के 15 सार्वजनिक स्थानों पर कलाकार नुक्कड़ नाटक और लोकगीत प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। मंदिरों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों को स्वच्छता से जुड़े जरूरी उपाय बताए जा रहे हैं।
कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि केवल सफाई कर्मियों के भरोसे नगर को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की अपील: नुक्कड़ नाटक के दौरान लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखने की जानकारी दी जा रही है। कचरा संग्रह करने और उसे निर्धारित स्थान पर डालने के सही तरीके भी बताए जा रहे हैं।
लोगों से अपील की जा रही है कि घरों से निकलने वाले कचरे को सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें। कचरा नगर निकाय के कर्मियों को सौंपें और कचरा उठाए जाने के बाद दोबारा सड़कों पर गंदगी न फैलाएं।
स्वास्थ्य से जुड़ा स्वच्छता का संदेश: कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि साफ-सफाई का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है। आसपास गंदगी रहने से कई तरह की बीमारियां फैलने की आशंका रहती है।
स्वच्छ वातावरण से लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना और कचरा प्रबंधन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
पदाधिकारियों ने भी किया जागरूक
अभियान के दौरान नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शुभम कुमार और मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता भी शामिल होकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
कार्यपालक पदाधिकारी शुभम कुमार ने कहा कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नगरवासियों को स्वच्छता का महत्व समझाने का प्रयास किया जा रहा है। कलाकारों द्वारा दिए जा रहे संदेश को लोगों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि घर और उसके आसपास सफाई रहेगी तो लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। वहीं, गंदगी जमा होने से कई तरह की बीमारियों के फैलने की आशंका रहती है।
सफाई कर्मियों का सहयोग करने की अपील: कार्यपालक पदाधिकारी ने लोगों से अपील की कि सफाई कर्मियों द्वारा कचरा उठाने के बाद लोग दोबारा सड़कों पर कचरा न फेंकें। अपने घर, घर के आसपास और सार्वजनिक रास्तों को साफ रखने में नगर निकाय का सहयोग करें।
मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता ने भी नगरवासियों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ नगर बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
लोक संस्कृति के साथ स्वच्छता का संदेश
इस अभियान के जरिए स्वच्छता जागरूकता के साथ भोजपुरी लोकसंस्कृति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। स्थानीय भाषा और पारंपरिक कला के माध्यम से लोगों तक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश पहुंचाया जा रहा है।
दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर बिहिया नगर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के लिए नगर पंचायत की ओर से लोगों से सक्रिय सहयोग की अपील की जा रही है। अभियान के आयोजकों का मानना है कि जब स्वच्छता का संदेश स्थानीय भाषा और लोक कला के माध्यम से दिया जाता है, तो उसका प्रभाव लोगों पर अधिक पड़ता है।











