- हाइलाइट: Bihiya encounter
- हत्या के बाद एक ही बाइक से हॉस्पिटल से भागे थे बलवंत, रवि रंजन और अभिषेक
- हत्याकांड के वायरल वीडियो में तीनों को देखे जाने की कही जा रही बात
बिहार (आरा)। बक्सर जिले के चक्की थाने के लीलाधरपुर गांव निवासी बलवंत सिंह पुरुलिया जेल में बंद कुख्यात शेरू सिंह का काफी नजदीकी बताया जा रहा है। चंदन मिश्रा हत्याकांड में इसकी काफी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। चंदन को गोली मारने वाले शूटरों में शामिल होने के अलावे हत्या के लिए हथियार उपलब्ध कराने में भी इसका नाम आ रहा है। हत्या के बाद वायरल सीसीटीवी फुटेज में भी बलवंत सिंह को रवि रंजन सिंह एवं अन्य शूटरों के साथ देखे जाने की चर्चा चल रही है।
कहा जा रहा है कि वायरल वीडियो फुटेज में तीसरे नंबर पर उजले रंग की शर्ट एवं टोपी पहने दिख रहा शूटर बलवंत सिंह, जबकि पांचवें स्थान पर रवि रंजन कुमार सिंह है। हत्या के बाद भागने से संबंधित वायरल वीडियो में बाइक चलाने वाला अभिषेक सिंह बताया जा रहा है। एसटीएफ सूत्रों की ओर से भी इस बात की तस्दीक की गयी है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार बलवंत सिंह और रवि रंजन कुमार सिंह गोली मारने में शामिल थे, जबकि अभिषेक कुमार हॉस्पिटल के नीचे खड़ा था। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बाइक से भागे थे।
इधर, सूत्रों के अनुसार बलवंत सिंह पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह से लगातार संपर्क में था। शेरू सिंह के इशारे पर ही वह हर कदम उठा रहा था। बताया जा रहा है कि बलवंत सिंह ही शूटरों को लेकर पारस हॉस्पिटल पहुंचा था। उसने ही मुख्य शूटर तौशिफ उर्फ बादशाह को दस पिस्टल भी दी थी।
सूत्रों के अनुसार शेरू के इशारे पर बलवंत सिंह द्वारा ही पांच-पांच लाख रुपए पर शूटरों को हायर किया गया था। हत्या के लिए सटीक जानकारी हासिल करने के लिए बलवंत द्वारा चंदन मिश्रा के करीबियों को भी मिला लिया था। हालांकि भोजपुर के पुलिस अधिकारियों द्वारा इस बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना सीसीटीवी फुटेज से फोटो का मिलान करने और गहन पूछताछ के बाद पटना पुलिस द्वारा ही इस बावत स्पष्ट जानकारी दी जा सकती है। बता दें कि 17 जुलाई की सुबह पटना के पारस हॉस्पिटल में इलाज करा रहे कुख्यात चंदन मिश्रा को गोलियों से भून दिया गया था। चंदन मिश्रा बक्सर जिले के सोनवर्षा गांव का रहने वाला था। उसे हत्या के एक मामले सजा हुई थी।
Bihiya encounter: मुठभेड़ के बाद रही गहमागहमी, छावनी में तब्दील रहा आरा सदर हॉस्पिटल
एनकाउंटर के बाद कुख्यात चंदन मिश्रा हत्याकांड के तीन बदमाशों की ओर दो शूटरों को गोली लगने की घटना के बाद भोजपुर जिले में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। बिहिया के कटेया रोड से लेकर सदर अस्पताल तक अफरातफरी की स्थिति रही। मुठभेड़ में दोनों अपराधियों को इलाज के लिए लाये जाने के बाद आरा के सदर अस्पताल में भीड़ जमा हो गयी। सुरक्षा को लेकर काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात कर दिए गए थे। एसटीएफ के साथ ही जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और बिहिया थानेदार आदित्य कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी अस्पताल में कैंप करते रहे। उससे सदर अस्पताल छावनी में तब्दील रहा।

एफएसएल टीम ने घटनास्थल का किया मुआएना
बिहिया थाना क्षेत्र के कटेया-इंग्लिशपर बांध पर मंगलवार की सुबह पुलिस एवं अपराधियों के बीच हुए मुठभेड़ (Bihiya encounter) के स्थल का एफएसएल टीम का ने जांच किया। मुठभेड़ के बाद एफएसएल की टीम दलबल के साथ कटेया-इंग्लिशपुर बांध पर पहुंची और वहां गिरे खून के धब्बों व अन्य साक्ष्यों को एकत्रित किया। करीब एक घंटा घटनास्थल पर रहने के बाद एफएसएल की टीम वापस लौट गई।
अपराधियों की तरफ से की गई थी 13 राउंड फायरिंग
बिहिया में एसटीएफ और चंदन मिश्र शूटआउट में शामिल अपराधियों के बीच मुठभेड़ (Bihiya encounter) के दौरान कई राउंड का गोली चली। पुलिस सूत्रों की माने तो अपराधियों द्वारा इस दौरान पुलिस पर 13 राउंड फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ द्वारा भी आत्मरक्षार्थ 10 गोली दागी गई। इस दौरान अपराधी बलवंत सिंह एवं रविरंजन को गोली लग गई। जबकि अभिषेक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुथमेर के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से तीन जिंदा कारतूस तथा 6 खोखा बरामद किया।
बलवंत ने चंदन मिश्र को मारी थी 9 गोली
मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली से जख्मी बलवंत ने खुद पटना के पारस हॉस्पिटल में भर्ती चंदन मिश्र को 9 गोली मारी थी। इसके अलावे तौसीफ बादशाह व अन्य अपराधियों ने चंदन मिश्र पर गोलियां बरसाई थी।
टाइगर अभी जिंदा है…..
बिहिया में एसटीएफ एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गोली से जख्मी बलवंत सिंह काफी देर तक चिल्लाता रहा। पुलिस सूत्रों की माने तो बलवंत सिंह काफी शातीर अपराधी है। गोली लगने के बाद वह चिल्लाते हुए कह रहा था कि बलवंत सिंह टाइगर अभी जिंदा है।


