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बिहिया नगर पंचायत चेयरमैन की सदस्यता रद्द करने की याचिका, राज्य निर्वाचन आयोग में मामला दर्ज

दायर की गई याचिका में बिहिया के चेयरमैन सचिन कुमार गुप्ता पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में जानबूझकर लापरवाही बरतने और उन्हें समुचित तरीके से पूरा न करने का आरोप लगाया गया है।

Bihiya NP Chairman: यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग इस याचिका पर क्या निर्णय लेता है और बिहिया नगर पंचायत की राजनीतिक स्थिति किस ओर करवट लेती है।

  • हाइलाइट:
    • इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 दिसंबर, 2025 की तिथि निर्धारित की गई है

Bihiya NP Chairman: बिहिया नगर पंचायत के राजनीतिक परिदृश्य में इन दिनों एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। बिहिया के वर्तमान चेयरमैन, सचिन कुमार गुप्ता की सदस्यता को रद्द करने के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग, पटना में एक गंभीर मामला दायर किया गया है। यह याचिका बिहिया निवासी बैजनाथ प्रसाद, पिता- प्रशांत सराफ़ के द्वारा दिनांक 26 सितंबर, 2025 को बिहार राज्य निर्वाचन आयोग (SEC-Bihar Court) के समक्ष प्रस्तुत की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग में दायर इस मामले का संख्या 42/2025 है, और इसकी अगली सुनवाई के लिए 11 दिसंबर, 2025 की तिथि निर्धारित की गई है।

बैजनाथ प्रसाद द्वारा अपनी याचिका में चेयरमैन सचिन कुमार गुप्ता पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि उनके द्वारा पद पर रहते हुए अपने दायित्वों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा, जिसके कारण स्थानीय जनहित और नगर पंचायत के कार्य प्रभावित हो रहे है।

यह मामला विशेष रूप से बिहार नगर पालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1) छ के प्रावधानों के तहत आता है। यह धारा नगर पालिका के पार्षदों और अध्यक्षों की अयोग्यता से संबंधित महत्वपूर्ण दिशानिर्देश प्रदान करती है। उक्त धारा स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करती है कि यदि कोई पार्षद या अध्यक्ष किसी आपराधिक मामले में अभियुक्त पाया जाता है और वह छह महीने या उससे अधिक की अवधि तक फरार रहता है, तो उसे पार्षद के पद के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

बिहिया चेयरमैन सचिन कुमार गुप्ता पर लगे आरोप भी इसी गंभीर प्रकृति के अंतर्गत आते हैं। यदि जाँच में यह सिद्ध हो जाता है कि उन्होंने वास्तव में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है और वे बिहार नगर पालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1) छ के दायरे में आते हैं, तो उनकी सदस्यता पर गंभीर संकट आ सकता है।

पंचायती राज/नगरपालिका मामले के जानकार पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभय कुमार पांडेय ने बताया की बिहार राज्य निर्वाचन आयोग इस मामले की गहनता से जाँच करेगा, संबंधित पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं के बयानों, जिसमें सभी साक्ष्यों, और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।

बता दें की आयोग का निर्णय न केवल चेयरमैन की सदस्यता पर सीधा असर डालेगा, बल्कि बिहिया नगर पंचायत की राजनीतिक स्थिरता और भविष्य की दिशा भी तय करेगा। अगली सुनवाई में इस मामले में क्या दिलचस्प मोड़ आता है, पढ़ते रहें खबरे आपकी।

RAVI KUMAR
RAVI KUMAR
बिहार के भोजपुर जिला निवासी रवि कुमार एक भारतीय पत्रकार है एवं न्यूज पोर्टल खबरे आपकी के प्रमुख लोगों में से एक है।
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