Homeआरा भोजपुरबिहियाहादसे का खतरा बढ़ा, धड़ल्ले से हो रहा भारी वाहनों का परिचालन

हादसे का खतरा बढ़ा, धड़ल्ले से हो रहा भारी वाहनों का परिचालन

Bihiya ROB: बिहिया रेल ओवरब्रिज पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक के बाद भी ऐसे वाहनों का परिचालन धड़ल्ले से जारी।

  • हाइलाइट: Bihiya ROB – रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार
  • ये लापरवाही हो सकती है जानलेवा: बिहिया रेलवे पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर कोइ रोक-टोक नहीं

बिहिया,आरा। भोजपुर जिले के बिहिया-बिहटा स्टेट हाइवे 102 पर स्थित बिहिया रेल ओवरब्रिज पर हाल ही में भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद, बालू लदे भारी वाहनों का परिचालन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार की शाम और सोमवार की सुबह, सैकड़ों बालू लदे ट्रक, हाइवा, कंटेनर और ट्रेलर बिना किसी रोक-टोक के लगातार चलते रहे।

जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त को जगदीशपुर के एसडीएम संजीव कुमार और एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा ने एक संयुक्त हस्ताक्षर रहित पत्र पर आदेश जारी कर भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया था। अधिकारियों द्वारा जारी किए गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया था कि मध्य रेलवे के इंजिनियरिंग अधिकारियों द्वारा बिहिया में रेलवे के पटना-बक्सर रेलखंड एवं बिहिया-जगदीशपुर स्टेट हाइवे 102 पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण में ब्रिज में क्रैक पाया गया था, जिसके कारण अधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि ब्रिज से भारी वाहनों का परिचालन सुरक्षित नहीं है।

इस स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों ने सुरक्षा चेतावनी के साथ आदेश में आरओबी के दोनों छोर पर बैरिकेटिंग लगाने की स्वीकृति भी दी थी। आदेश के अनुसार, बैरिकेटिंग दोनों छोर पर की गई थी, लेकिन असामाजिक तत्वों और बालू के माफियाओं ने रात के समय बैरिकेटिंग को उखाड़कर फेंक दिया। इसके बाद से दुबारा बैरिकेटिंग नहीं हो पाई है, जिसके कारण बालू लदे भारी वाहनों का परिचालन धड़ल्ले से शुरू है।

अब स्थिति यह है कि पूर्व की तरह ट्रक, हाइवा, कंटेनर और ट्रेलर का परिचालन बालू के साथ फिर से शुरू हो चुका है। यह सब कुछ ऐसे हो रहा है जैसे कि भारी वाहनों के मालिक प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हों। जारी किए गए पत्र में यह भी कहा गया था कि अगली सुरक्षा मंजूरी मिलने तक भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्णतः रोक जारी रहेगा। लेकिन यहां ऐसा नहीं दिख रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से यदि भारी वाहनों का परिचालन होता रहा, तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ओवरब्रिज के नीचे सैकड़ों दुकानें हैं और आम जन का आवागमन भी है। कभी भी कुछ भी हो सकता है, जिससे बिहिया मंडी के लोगों में भय का माहौल कायम है। इस स्थिति को लेकर जदयू के वरिष्ठ नेता लाल बहादुर महतो द्वारा भी भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने के लिए लगातार आवाज उठाई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है की पुलिस द्वारा ऐसे वाहनों का चालान क्यों नहीं काटा जा रहा है? यह चर्चा अब लोगों की जुबान पर है। यदि प्रशासन इस समस्या को नजरअंदाज करता रहा, तो न केवल भारी वाहनों के परिचालन से होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा, बल्कि इससे स्थानीय व्यापारियों और आम जनता की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी। विदित रहें की जारी पत्र में जगदीशपुर और बिहिया की पुलिस को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

इधर, मामले को लेकर जगदीशपुर एसडीएम संजीव कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि आरओबी पर भारी वाहनों का परिचालन पूर्णतः अगले आदेश तक बन्द किया गया है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर आज भी आदेश जारी किया गया है। फिर से बैरिकेटिंग किया जायेगा। भारी वाहनों के संचालक यदि सख्ती से आदेश का पालन नही करते है तो पकड़े जाने पर जुर्माना भी वसूला जायेगा।

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