Bilauti Encounter – भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद जमकर बवाल मचा।
- हाइलाइट: Bilauti Encounter
- शव के साथ रोड पर उतरे लोग, पटना-बक्सर फोरलेन छह घंटे रहा जाम
- दोषी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने और जेल भेजने की मांग पर अड़े रहे लोग
- भीड़ ने फेंका ईंट-पत्थर, तो पुलिस ने चटकाई लाठियां, देर तक मची रही अफरा-तफरी
- एसपी के निर्देश पर पहुंचे सदर एसडीपीओ के आश्वासन पर शांत हुआ लोगों का गुस्सा
- एसडीपीओ और थानाध्यक्ष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने का मां का आवेदन
- स्थिति नियंत्रित करने में विफल थानाध्यक्ष के अलावे शाहपुर थाने के चार अन्य पुलिस कर्मी निलंबित
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद जमकर बवाल मचा। एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए गुस्साए लोगों द्वारा घटना में दोषी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने और हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेजने की मांग को लेकर सड़क पर जमकर संघर्ष किया गया। इस दौरान पुलिस के साथ नोंकझोंक और खदेड़ा-खदेड़ी भी हुई। इधर, इस प्रकरण में पुलिस की ओर से कार्रवाई भी जारी है। थानाध्यक्ष के बाद शाहपुर थाने के दो जेएसआई सहित चार अन्य पुलिस कर्मियों को भी लापरवाही और स्थिति नियंत्रित करने में विफल रहने के मामले में निलंबित कर दिया गया है।
Bilauti Encounter : पटना-बक्सर फोरलेन छह घंटे रहा जाम
बताया जा रहा है कि गुरुवार की सुबह सात बजे पटना से भरत भूषण तिवारी का शव आते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। हजारों की संख्या में ग्रामीणों के साथ परिजन सड़क पर उतर गये और शव के साथ पटना-बक्सर फोरलेन जाम कर दिया गया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी और जोरदार प्रदर्शन किया गया।
जगदीशपुर एसडीपीओ के नेतृत्व में पहुंची पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन ग्रामीण शाहाबाद रेंज के डीआइजी, डीएम और एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान भीड़ की ओर से ईंट-पत्थर फेंका जाने लगा, तो जवाब में पुलिस द्वारा लाठियां चटका कर खदेड़ा जाने लगा। उससे मामला बिगड़ गया और देर तक अफरा-तफरी मची रही।
बाद में वरीय अधिकारियों की पहल पर मामले को शांत कराया गया। इधर, पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर सदर एसडीपीओ वन राज कुमार साह, सदर एसडीपीओ-टू रंजीत कुमार सिंह और ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु बिलौटी पहुंचे। अधिकारियों की ओर से समझाने का प्रयास शुरू किया गया। करीब छह घंटे तक चले मान- मनौव्वल और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि परिजनों की ओर से आवेदन दिया गया है। उस आधार पर जांच की जा रही है। इस मामले में उचित कार्रवाई की जायेगी।






