Judicial commission: न्यायिक आयोग के अध्यक्ष एवं पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा बुधवार को आरा पहुंचे।
- हाइलाइट: Judicial commission
- न्यायिक आयोग के अध्यक्ष ने कार्यालय का किया निरीक्षण और प्रेस को किया संबोधित
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में हुई भरत भूषण तिवारी कथित मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। इस बहुचर्चित मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के उद्देश्य से गठित न्यायिक आयोग ने आधिकारिक तौर पर अपना कामकाज शुरू कर दिया है। इसी क्रम में, न्यायिक आयोग के अध्यक्ष एवं पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा बुधवार को आरा पहुंचे।
आरा आगमन के उपरांत न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने जिला शिक्षा कार्यालय परिसर में स्थित आयोग के कार्यालय का विधिवत निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयोग के कार्यालय के संचालन के साथ ही इस संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया का अगला चरण प्रारंभ हो गया है। आयोग द्वारा घटना से संबंधित गवाहों को आधिकारिक तौर पर सम्मन जारी कर दिए गए हैं, ताकि वे निर्धारित समय पर आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करा सकें।
Judicial commission: न्यायिक आयोग के अध्यक्ष ने किया प्रेस को संबोधित
प्रेस को संबोधित करते हुए न्यायिक आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य बिलौटी मुठभेड़ की परिस्थितियों और उसके औचित्य की गहन जांच करना है। उन्होंने कहा कि आयोग इस बात की समीक्षा करेगा कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई, पुलिस की कार्रवाई का आधार क्या था और इस घटना के लिए उत्तरदायित्व किसका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जांच के लिए छह महीने की समयावधि निर्धारित की है और उनका प्रयास रहेगा कि वे निर्धारित समय के भीतर निष्पक्ष जांच प्रतिवेदन सरकार को सौंप दें।
न्यायमूर्ति सिन्हा के आरा आगमन के दौरान प्रशासनिक गलियारों में भी सक्रियता देखी गई। इस अवसर पर पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक बड़बडे, शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले की सुनवाई की प्रक्रिया शनिवार से प्रारंभ होगी, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। गौरतलब है कि 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों के आरोपों और उपजे विवादों के मद्देनजर, पुलिस के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस गंभीर मामले की सत्यता तक पहुंचने के लिए ही बिहार सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में इस न्यायिक आयोग का गठन किया है।

