HomeNewsशाहपुर में भक्ति, संस्कृति और उल्लास से सराबोर हुआ छठीहार महोत्सव

शाहपुर में भक्ति, संस्कृति और उल्लास से सराबोर हुआ छठीहार महोत्सव

Chhathihar festival Shahpur: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छोटी मठिया के समीप बाल कला परिषद द्वारा आयोजित छठीहार महोत्सव में हजारों श्रद्धालु उमड़े। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

  • हाइलाइट: Chhathihar festival Shahpur
  • छोटी मठिया के समीप बाल कला परिषद के आयोजन में उमड़े हजारों श्रद्धालु, काशी-अयोध्या के कलाकारों ने बांधा समां

आरा,शाहपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छोटी मठिया के समीप बाल कला परिषद की ओर से आयोजित छठीहार महोत्सव भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बन गया। बुधवार को आयोजित इस महोत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु-भक्त पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का दर्शन कर पूजा-अर्चना की। रिमझिम फुहारों के बीच छठीहार के अवसर पर महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।

Chhathihar festival Shahpur : कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया

महोत्सव के दौरान पूरे परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा। रंग-बिरंगी सजावट, भजन-कीर्तन, धार्मिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के काशी-वाराणसी और अयोध्या से पहुंचे कलाकारों ने भक्ति गीतों और संगीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने महोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और मनोरंजन का भी सुंदर रंग भर दिया।

शाम के समय पंडाल में स्थानीय महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। महिलाओं ने छठीहार के अवसर पर पारंपरिक सोहर और बधाई गीत गाकर वातावरण को भावविभोर कर दिया। पारंपरिक गीतों के साथ महिलाओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य भी किया। उनकी सामूहिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव में लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।

लगातार छह दिनों तक चला धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम

आयोजकों के अनुसार, यह धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम लगातार छह दिनों तक चला। इस दौरान लोकप्रिय गायक वैदिक तिवारी, अलबेला जी सहित कई कलाकारों ने अपनी मधुर और मनमोहक आवाज से श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे युवा कलाकारों ने भी अपनी संगीतमय प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिदिन शाम सात बजे से शुरू होने वाला कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा और पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।

महोत्सव के छह दिवसीय आयोजन के बाद आज गुरुवार को उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का ‘डोल विसर्जन’ जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस को लेकर बाल कला परिषद के सदस्यों और स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है। जुलूस में भगवान श्रीकृष्ण की सजीव झांकियों के साथ विभिन्न देवी-देवताओं के प्रतिरूप आकर्षण का केंद्र रहेंगे। कलाकार रंग-बिरंगे परिधान पहनकर ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन पर नृत्य करते हुए चलेंगे।

डोल विसर्जन जुलूस में हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भगवान श्रीकृष्ण की सजीव मूर्तियों को आकर्षक ढंग से सजाकर जुलूस छोटी मठिया से निकाला जाएगा। इसके बाद जुलूस आरा-बक्सर मुख्य मार्ग, पश्चिमी पोखरा, बनाही रोड और करनामेपुर रोड होते हुए गंगाजल, जहां विधि-विधान के साथ ‘डोल विसर्जन’ किया जाएगा।

डोल विसर्जन जुलूस की तैयारियों में बाल कला परिषद के अध्यक्ष विनोद कुमार के साथ राजू गुप्ता, जीतू गुप्ता, आशीष, राजकुमार, चंदन सोनार, सुधीर वर्मा, छोटू यादव, पप्पू गुप्ता, योगेंद्र यादव, संतोष ठाकुर, छोटे पांडेय, रंजीत कुमार गुप्ता, मुशन सोनार, आलोक कुमार, धन बाबू यादव, सोनू केशरी, आजाद गुप्ता सहित परिषद के अन्य सदस्य जुटे हुए हैं।

Khabre Apki
Khabre Apki
Khabre Apki covers all Breaking News in Hindi

Most Popular