HomeNewsबिहारदिल्ली में बिहार पुलिस की ट्रैप में फंस गया साइबर अपराधी

दिल्ली में बिहार पुलिस की ट्रैप में फंस गया साइबर अपराधी

Cyber ​​criminal: साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि सरगना उपेंद्र सिंह देश में चल रहे डिजिटल अरेस्ट गैंग का अहम किरदार है। वह देश भर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी करने का धंधा करता है।

  • हाइलाइट: Cyber ​​criminal
  • डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना गिरफ्तार
  • साइबर पुलिस ने सरगना को दिल्ली में दबोचा, ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया आरा
  • डिजिटल अरेस्ट के जरिए आरा के डाक्टर से की थी 19 लाख की ठगी
  • तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर नई दिल्ली से पकड़े गए दो साइबर अपराधी
  • एटीएस अधिकारी के नाम पर साइबर अपराधियों ने डाक्टर से ठग लिया था 19 लाख

आरा। साइबर थाने की पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना (Cyber ​​criminal) को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला ओमवीर सिंह का पुत्र उपेंद्र सिंह है और करीब एक-डेढ़ साल से दिल्ली के मॉडल थाना क्षेत्र के विजय नगर में रहता था। उसे दिल्ली के विजय नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर आरा लाया गया। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आरा सदर अस्पताल के एक डाक्टर से 19 लाख की ठगी के मामले में उसकी तलाश थी। वह डिजिटल अरेस्ट कंडक्ट कर लोगों से पैसे अपने लेता था। साक्ष्य के तौर पर उसके पास से एक मोबाइल भी बरामद किया गया है। इस मामले में पूर्व में उसके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

Cyber ​​criminal : साइबर डीएसपी स्नेह सेतू की ओर से प्रेस वार्ता

साइबर डीएसपी स्नेह सेतू की ओर से मंगलवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गई। उन्होंने बताया पिछले साल 26 मई को नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ला निवासी आरा सदर अस्पताल के डाक्टर राम निवास प्रसाद से ठगी की गयी थी। अपराधियों द्वारा एटीएस अधिकारी बनकर अपराधियों द्वारा अरेस्ट वारंट का हवाला देकर डाक्टर से 19 लाख ट्रांसफर करा लिया गया था। उस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तकनीकी अनुसंधान शुरू की गयी थी। उस दौरान पता चला था कि डाक्टर से ठगी की राशि नागपुर के इंडसंड बैंक के एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कराया गया है। उसके बाद राशि अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर किया गया। बाद में दो लोगों द्वारा चेक के जरिए सात सात लाख की निकासी कर ली गई। तकनीकी जांच के आधार पर पैसे की निकासी करने वाले दोनों अपराधियों की पहचान करते हुए दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में दोनों द्वारा गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में उपेंद्र सिंह का नाम लिया था। जांच में भी उपेंद्र सिंह का नाम आया था।

दिल्ली में बैठ कर देश भर में चला रहा गिरोह, दमदम जेल में बंद आपराधी से भी सांठगांठ
साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि सरगना उपेंद्र सिंह देश में चल रहे डिजिटल अरेस्ट गैंग का अहम किरदार है। वह देश भर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी करने का धंधा करता है। राजस्थान और दिल्ली में रहकर अपना गिरोह संचालित कर रहा है। हालांकि पिछले करीब डेढ़ साल से उसने दिल्ली में अपना ठिकाना बना लिया था। पूछताछ में उसने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने की बात भी स्वीकार कर ली है। कहा कि दमदम जेल में बंद एक अपराधी सहित अन्य बदमाशों की मिलीभगत से वह यह धंधा करता है। उसके बयान की सत्यता की जांच की जा रही है। डीएसपी ने बताया कि उपेंद्र सिंह डिजिटल अरेस्ट कंडक्ट कर लोगों से पैसे ट्रांसफर करा लेता है। उसके लिए उसने दो लोगों को खाते का इस्तेमाल करता था। दिल्ली के एक-दो बैंक के कर्मियों की मिलीभगत से व्यवसाय के नाम पर अलग अलग खाता खुलवाता था और उसमें ठगी के पैसे ट्रांसफर एवं निकासी कर लेता था।
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पुलिस ने दिल्ली में पांच दिन डेरा डाला, तब पकड़ में आया साइबर अपराधी
साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि उपेंद्र सिंह काफी शातिर अपराधी है। वह पुलिस को बार-बार चकमा देकर भाग निकलता था। उसे लेकर उनके नेतृत्व में इस बार पुलिस टीम पांच दिनों तक दिल्ली में जमी रही। तकनीकी जांच के आधार पर उसका पीछा किया जाता रहा। उस दौरान काफी मुश्किल से वह पुलिस की ट्रैप में आ सका। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर मंगलवार को आरा लाया गया। छापेमारी टीम में दारोगा गांधी नाथ पाठक और स्वाति रानी सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे।

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