Danish Kayamnagar: पूरा राष्ट्र इस कठिन समय में शहीद दानिश आलम के परिवार के साथ खड़ा है। उनकी सेवा और त्याग को देश कभी नहीं भूलेगा। विनम्र श्रद्धांजलि।
- हाइलाइट: Danish Kayamnagar
- मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान
- वीर सपूत दानिश आलम को श्रद्धांजलि
आरा। असम के जोरहाट से प्राप्त समाचार ने भोजपुर जिला सहित पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। भारतीय वायुसेना का एन-32 विमान शनिवार को एक भीषण हादसे का शिकार हो गया, जिसमें भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित कायमनगर निवासी 22 वर्षीय वायु अग्निवीर दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में दानिश आलम के साथ चार अन्य वायुसेना कर्मियों के भी शहीद होने की सूचना है। इस समाचार के मिलते ही कायमनगर गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
Danish Kayamnagar : दानिश आलम वीरगति को प्राप्त, विनम्र श्रद्धांजलि।
दानिश आलम की शहादत पर पूर्व विधायक भाई दिनेश ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा और मातृभूमि की रक्षा के लिए दानिश आलम ने अपने प्राणों की जो आहुति दी है, उसने भोजपुर, बिहार और समूचे भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी यह शहादत राष्ट्र के प्रति असीम समर्पण, साहस और अटूट कर्तव्यनिष्ठा की एक अमर मिसाल के रूप में सदैव याद की जाएगी।
तिरंगे में लिपटकर अपने घर…
इस दुखद घटना को याद करते हुए भाई दिनेश ने बताया कि दानिश आलम अभी कुछ ही दिन पूर्व छुट्टी बिताकर वापस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि परिवार की खुशियों के बीच आया यह युवा सैनिक अगली बार तिरंगे में लिपटकर अपने घर लौटेगा। एक इकलौते पुत्र की इस असामयिक शहादत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिसे शब्दों में बयां करना असंभव है।
भाई दिनेश ने आगे कहा कि देश की सुरक्षा की खातिर हमारे जांबाज जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखते हैं। दानिश आलम का यह सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का एक महान प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। इतिहास में उनका नाम हमेशा सम्मान और गौरव के साथ स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा।
भाई दिनेश ने केंद्र एवं राज्य सरकार से की मांग
इस कठिन घड़ी में भाई दिनेश ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि शहीद के परिजनों को हर संभव सरकारी सहायता, समुचित सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही, उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।




