Devi Ojha:भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड परिसर में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी वीर देवी ओझा की स्मृति में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धा और सम्मान के भाव से ओतप्रोत इस आयोजन का नेतृत्व देवी ओझा मेमोरियल ट्रस्ट एवं शाहपुर जागरण क्लब द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम की गरिमापूर्ण शुरुआत वरिष्ठ शिक्षाविद श्यामनंदन ओझा, वरिष्ठ भाजपा नेता शंभु शरण मिश्र, पूर्व जिला परिषद सदस्य नंदकुमार ओझा, डीलर संघ के अध्यक्ष गुलाब सिंह, डॉ. एस. कुमार और मुखिया संघ के जिला सचिव मनोज ठाकुर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।
आयोजन के दौरान ट्रस्ट एवं क्लब की ओर से उपस्थित सभी अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देवी ओझा मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष उमेश चंद्र पांडे और सचिव अभिनव कुमार ओझा ने बताया कि वीर देवी ओझा के जीवन, उनके संघर्षों और अदम्य साहस पर आधारित एक विशेष स्मारिका शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी।
Devi Ojha: कारीसाथ छावनी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद श्यामनंदन ओझा ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत के दौर में देवी ओझा (Devi Ojha) के नाम मात्र से ही अंग्रेजी सेना के बीच भय का वातावरण निर्मित हो जाता था। वरिष्ठ नेता शंभु शरण मिश्र ने उनके सैन्य कौशल की चर्चा करते हुए बताया कि वीर देवी ओझा अपनी अद्भुत युद्ध कला के कारण बाबू वीर कुंवर सिंह के अत्यंत विश्वसनीय थे और उन्होंने कारीसाथ छावनी के प्रमुख के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी।
पूर्व जिला परिषद सदस्य नंदकुमार ओझा, सत्यदेव राय और सुरेमन चौधरी ने वीर देवी ओझा को क्षेत्र की एक ऐसी अनमोल धरोहर बताया जिनकी स्मृतियां आज भी जनमानस के हृदय में जीवंत हैं। उन्होंने सेनानी की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए उनके पैतृक गांव सहजौली में एक भव्य ‘स्मृति द्वार’ और एक आधुनिक ‘लाइब्रेरी’ के निर्माण की घोषणा की। पत्रकार दिलीप ओझा ने इतिहास के पन्नों को साझा करते हुए बताया कि अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें पकड़ने के लिए कई कड़े प्रावधान और पुरस्कार रखे थे, लेकिन अपनी रणनीतिक कुशलता के कारण वे कभी अंग्रेजों की गिरफ्त में नहीं आए।
स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संजोना ही वर्तमान समय में सच्ची देशभक्ति
सहजौली गांव के रेमन चौबे ने वीर देवी ओझा और उनके गांव के गौरवशाली इतिहास पर आधारित एक भावपूर्ण कविता गीत सुनाई, जिसे उपस्थित लोगों ने काफी सराहा। कार्यक्रम में हीरालाल ओझा, नपं शाहपुर के पूर्व उपाध्यक्ष गुप्तेश्वर साह, शिक्षाविद पिंटू भैया, पैक्स अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव, अंकित पांडेय, सत्यदेव पांडे, रबिन्द्र ओझा और मुकेश मिश्र सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले ऐसे महान सपूत की स्मृतियों को संजोना ही वर्तमान समय में सच्ची देशभक्ति है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षाविद मुक्तेश्वर मिश्र उर्फ सरजी ने किया। इस गौरवमयी अवसर पर पैक्स अध्यक्ष चंचल ओझा, नन्हकू ओझा, मैना ओझा, मंटू दुबे, रबिन्द्र चौधरी, वृजराज चौधरी, जदयू जिला सचिव संजय चौधरी, राकेश यादव, नसीम शाह, सुरेश राय सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने महान क्रांतिकारी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

