Dumraon Gharana ध्रुवपद परम्परा के बैनर तले आयोजित हुआ सोलह दिवसीय संगीत सम्मेलन
आरा। डुमरांव घराना (Dumraon Gharana) ध्रुवपद परम्परा के बैनर तले आयोजित सोलह दिवसीय संगीत सम्मेलन में कथक नर्तक राजा कुमार ने अपने घुंघरुओं की झंकार से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजा कुमार ने कथक की शुरुआत एकताल में निबद्ध रचना जय जय जगजननी देवी से की। राजा इस देवी स्तुति में दुर्गा व काली की रूप को दिखाया। इसके बाद राजा ने झपताल में शुद्ध कथक प्रस्तुत हुए उपज, उठान, आमद, टुकड़ा, तोड़ा, परण, गत निकास प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
वहीं राजा कुमार ने कार्यक्रम के अंत में घुंघरू और तबले की युगलबंदी से सबका मन मोह लिया। राजा के घुंघरू व सूरज कांत पांडेय के तबले के सवाल जवाब काफी आकर्षक रही। रोहित कुमार ने स्वरों से रंग भर दिया। डुमरांव घराने (Dumraon Gharana) के संचालक पंडित रामजी मिश्र ने कहा कि शास्त्रीय संगीत नृत्य के क्षेत्र में युवाओं का रुझान बढ़ा है। आज कई युवा कलाकार अपनी प्रतिभा से शास्त्रीय कलाओ को नया आयाम दे रहे हैं। गुरु बक्शी विकास के शिष्य राजा कुमार बिहार की नृत्य परम्परा के प्रतिनिधि के रूप में स्थापित हो रहे हैं। इस लाईव कंसर्ट में लीला सिंह, अरूण सहाय, विमला देवी, अमित कुमार, सोनम कुमारी, हर्षिता विक्रम समेत कई लोग उपस्थित थे।


