Encroachment Shahpur Road : शाहपुर में सड़क की जमीन व फुटपाथ के साथ-साथ सड़क पर ठेला दुकानें लगाकर अतिक्रमण फैला दी जाती है।
- हाइलाइट: Encroachment Shahpur Road
- शाहपुर मुख्य सड़क बाजार को अतिक्रमण मुक्त करना प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है
आरा। शाहपुर नगर क्षेत्र अंतर्गत NH-84 आरा-बक्सर मुख्य सड़क मार्ग पर बड़ी मठिया से थाना मोड़ तक रोजाना हर आधे घंटे में जाम लग जाता है। यह समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि अब यह लोगों के लिए एक आम समस्या बन चुकी है। जाम के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जब भी जाम लगता है, तो किसी भी वाहन को शाहपुर बाजार से आरा बक्सर या बनाही स्टेशन की ओर जाने में घंटों की मेहनत करनी पड़ती है। यह स्थिति न केवल यातायात के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी बेहद परेशान करने वाली है।
जाम की समस्या के पीछे कई कारण हैं। बाजार में यदि एक भी बड़ी गाड़ी प्रवेश कर जाती है, तो स्थिति और भी विकराल हो जाती है। दिन प्रतिदिन जाम की स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। इसके बावजूद भी प्रशासन इस समस्या का समाधान करने में असफल साबित हो रहा है। लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाहपुर में सड़क की जमीन व फुटपाथ के साथ-साथ सड़क पर भी ठेला और दुकानें लगाकर अतिक्रमण फैला दी जाती है।
दुकानदारों द्वारा सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण कर लेने के कारण पल-पल जाम के हालात बनते हैं। इस कारण बाइक और अन्य वाहन चालक सड़क पर ही अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं और खरीदारी करने चले जाते हैं। इससे जाम लगना स्वाभाविक हो जाता है। यह स्थिति न केवल यातायात के लिए बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है।
यह ध्यान रहें कि पूर्व में अतिक्रमित रोड की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति फिर से वही हो गई। शाहपुर बाजार को अतिक्रमण मुक्त करना प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है। नगर प्रशासन अपने जनप्रतिनिधियों को नाराज नहीं करना चाहता है, जिस कारण वे इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।
हालांकि, नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जब सड़क के दोनों तरफ बने फुटपाथ की घेराबंदी स्थायी रूप से लोहे के एंगल से शुरू की गई, तो नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों के फोन नगर पंचायत कार्यालय में घनघनाने लगे। इसके परिणामस्वरूप नगर प्रशासन को आधा अधूरा घेराबंदी छोड़कर बैक होना पड़ा। अब स्थिति यह है कि शाहपुर मुख्य सड़क को अतिक्रमण मुक्त करना एक चुनौतीपूर्ण विषय बन गया है।
Encroachment Shahpur Road – दिसंबर 2015 में बड़ी घटना
बता दें की दिसंबर 2015 में शाहपुर एन एच 84 पर PNB बैंक के समीप ट्रक-बाइक सड़क हादसे में मोटर साइकिल सवार चाचा और भतीजी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा, डीएसपी द्वारिका पाल, एसडीओ बाल मुकुंद प्रसाद, शाहपुर बीडीओ प्रशांत कुमार, और सीओ मड़ीकर्णिका के द्वारा काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित लोगों को समझाने के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ था।
लोगों की मांगों पर एसडीओ बाल मुकुंद प्रसाद द्वारा सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाकर सड़क के दोनों तरफ किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया था। लेकिन कुछ समय बाद ही दुकानदारों द्वारा सड़क के फुटपाथ को फिर से अतिक्रमण कर लिया गया। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद स्थानीय व्यापारियों की मनमानी जारी है।
इसके बाद जुलाई 2022 में भोजपुर जिला पदाधिकारी के निर्देश पर शाहपुर के सड़कों से अतिक्रमण हटाने को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा शाहपुर में आरा-बक्सर मेन रोड एनएच 84 एवं शाहपुर-बनाही सड़क की पैमाइश कर उसका सीमांकन कराया गया। सीमांकन होने के बाद शाहपुर नगर पंचायत के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी रजनीश कुमार के द्वारा अतिक्रमण करने वाले करीब दो सौ लोगों को नोटिस दिया गया था।
तीन नोटिस देने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जून 2023 में शाहपुर स्थित आरा-बक्सर मुख्य मार्ग से सड़क की दोनों तरफ किए गए अतिक्रमण को हटाया गया था। यह कदम प्रशासन की ओर से एक सकारात्मक प्रयास था, लेकिन यह प्रयास भी ज्यादा दिन तक स्थायी रूप से सफल नहीं रहा। वर्तमान स्थिति यह है की शाहपुर में अतिक्रमण और जाम की समस्या एक जटिल मुद्दा तो है ही, साथ ही यहां के सड़क पर दुकान चलाने वाले व्यापारियों द्वारा प्रशासन को खुली चुनौती भी है।











