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गंगा के रौद्र रूप से शाहपुर दियारांचल के दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा

गंगानदी के बढ़ते जलस्तर से प्रखंड क्षेत्र के दियारांचल क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन कहे जाने वाली शाहपुर-करनामेंपुर व बिहिया चौरस्ता-गौरा पथ पर यातायात परिचालन ठप हो गया है।

  • हाइलाइट: Flood in Shahpur Diyarchal
    • प्रयलयंकारी बाढ़ के रौद्र रूप से अब डरने लगे हैं लोग
    • दियारांचल के लाइफ लाइन कहे जाने वाली सड़के जलमग्न
    • दाल भात तरकारी मिलत बा सरकारी। का काइल जाऊ खाइल जाता बरियारी

शाहपुर/भोजपुर: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के दियारांचल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बना दी है। क्षेत्र के लिए जीवन रेखा मानी जाने वाली प्रमुख सड़कें, शाहपुर-करनामेपुर और बिहिया चौरस्ता-गौरा पथ, पर बाढ़ का पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है और इन इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

Flood in Shahpur Diyarchal – धान, मक्का और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद

जानकारी के अनुसार, शाहपुर-करनामेपुर पथ पर भरौली पुल से रमदतही गांव तक करीब तीन किलोमीटर के हिस्से में डेढ़ से दो फुट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन का एकमात्र सहारा नाव ही रह गई है। बाढ़ की भयावहता का आलम यह है कि रात में पानी की तेज धाराओं की गर्जना लोगों में दहशत पैदा कर रही है। शाहपुर प्रखंड की 20 पंचायतें गंभीर व आंशिक रूप से बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे धान, मक्का और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।

बाढ़ के कारण अपना घर-बार छोड़कर तटबंधों, स्कूलों और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए लोगों की स्थिति दयनीय है। लगातार हो रही बारिश उनकी मुसीबतों को और बढ़ा रही है। बाढ़ के कारण तटबंधों व ऊंचे आश्रय स्थलों पर विस्थापित लोगो की संख्या काफी बढ़ गई है। विस्थापित हुए लोगों की संख्या के अनुपात में सरकारी सहायता, विशेषकर सामुदायिक रसोई और नावों की संख्या, अपर्याप्त साबित हो रही है। कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर जुगाड़ वाली नावों का उपयोग करने को मजबूर हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार के नेतृत्व में डीसीएलआर अमरेंद्र कुमार, बीडीओ शत्रुंजय कुमार सिंह और सीओ रश्मि सागर ने गुरुवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने तटबंधों पर शरण लिए लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना।

प्रशासन ने प्रभावितों को राहत पहुँचाने का आश्वासन दिया है। गुरुवार शाम से लालू के डेरा, श्याम बाबा के पास बांध पर और सुहिया गाँव में सामुदायिक रसोई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विस्थापितों के लिए भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इससे पहले, जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शाहपुर प्रखंड के 55 समेत जिले के 71 स्कूलों को 9 अगस्त तक बंद करने का भी आदेश दिया था। बंद स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

लोगों में भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। गंगा में अपने घर विलीन होते देख चुके परिवारों के सामने यह सवाल है कि उनका अगला ठिकाना कहाँ होगा। फिलहाल, उनकी जिंदगी राहत शिविरों और तटबंधों पर सिमट कर रह गई है, जहाँ वे सरकारी मदद और पानी के घटने का इंतजार कर रहे हैं।

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