- हाइलाइट: Flood tourism – Bharauli Bridge
- भरौली पुल बना सेल्फी और रील बनाने वालों का अड्डा
शाहपुर, भोजपुर: एक तरफ जहां गंगा की विनाशकारी बाढ़ ने शाहपुर दियारांचल में सैकड़ों गांवों में तबाही मचाई है, वहीं दूसरी ओर यह कुछ लोगों के लिए ‘बाढ़ पर्यटन’ और मनोरंजन का साधन बन गई है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण शाहपुर-कारनामेपुर पथ पर स्थित भरौली पुल है, जो इन दिनों सेल्फी और रील बनाने वालों का अड्डा बन गया है।
मुख्य सड़क मार्ग से जुड़ा होने और शाहपुर व आरा के लिए आसानी से परिवहन उपलब्ध होने के कारण, सैकड़ों की संख्या में लोग प्रतिदिन यहाँ बाढ़ का नजारा देखने पहुंच रहे हैं। पुरुष, महिलाएं और युवा, सभी अपने मोबाइल फोन पर इस आपदा को कैद करने, फेसबुक लाइव करने और सेल्फी लेने में व्यस्त दिख रहे हैं। पुल पर लोगों का हुजूम इस कदर है कि मानो कोई मेला लगा हो।
लोगों की इस भीड़ को देखते हुए स्थानीय दुकानदारों ने भी इसे कमाई का अवसर बना लिया है। पुल पर ही चाय, समोसे, चाट, जलेबी, भुट्टे और गोलगप्पे की दुकानें सज गई हैं। ‘बाढ़ पर्यटकों’ की वजह से इन दुकानदारों की अच्छी आमदनी भी हो रही है।
Flood tourism – Bharauli Bridge – प्रशासन की अनदेखी, हादसे की आशंका
हालांकि, यह ‘बाढ़ पर्यटन’ गंभीर सुरक्षा चिंताओं को भी जन्म दे रहा है। पुल की रेलिंग पर बैठकर या खतरनाक तरीके से खड़े होकर सेल्फी लेना और वीडियो बनाना किसी भी क्षण बड़े हादसे का कारण बन सकता है। पानी का बहाव तेज है और पुल पर भारी भीड़ का दबाव भी है। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सतर्कता नहीं बरती और भीड़ को नियंत्रित करने के उपाय नहीं किए, तो कोई अप्रिय घटना घट सकती है। फिलहाल, प्रशासन की तरफ से इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई विशेष कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे यह जोखिम भरा मनोरंजन जारी है।


