Kodhwa village: भाई दिनेश ने कहा कि यह प्राथमिकी (FIR) स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि इसे किसी के प्रभाव में आकर और एक ही स्थान पर बैठकर तैयार किया गया है।
- हाइलाइट: Kodhwa village
- कोढ़वा गांव के 8 किसान पर हुए 5 लाख से अधिक के भारी-भरकम जुर्माना को अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया
- भाई दिनेश ने कहा इस अन्यायपूर्ण प्राथमिकी को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए, नहीं तो होगा आंदोलन
- कहा : इनमें से दो किसानों के नाम पर न तो कोई जमीन है और न ही सिंचाई हेतु कोई मोटर
Kodhwa village आरा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता एवं जगदीशपुर, भोजपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश ने जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर जगदीशपुर स्थित अपने आवास पर रविवार को ‘जन समस्या समाधान प्रयास कार्यक्रम’ का विधिवत शुभारंभ किया। भाई दिनेश ने इस अवसर पर जानकारी दी कि यह कार्यक्रम कोई नवीन पहल नहीं है, बल्कि वे इसे पहले भी प्रखंड परिसर स्थित किसान भवन में सफलतापूर्वक संचालित करते रहे हैं।
उन्होंने बताया की जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता तक सीधी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने सप्ताह में दो दिन – रविवार और सोमवार को विशेष रूप से समय आरक्षित किया है। रविवार को वे अपने जगदीशपुर स्थित आवास पर जनता से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे, जबकि सोमवार को प्रखंड परिसर स्थित किसान भवन में उपलब्ध रहेंगे।
Kodhwa village : कोढ़वा गाँव के आठ किसानों पर भारी-भरकम जुर्माना
भाई दिनेश ने आज 25 से अधिक किसान, छात्र, युवा और व्यवसायी प्रतिनिधियों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान की दिशा में तत्काल प्रयास शुरू किए और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर मामलों को सुलझाने की कोशिश की। इस दौरान, उन्होंने कोढ़वा गाँव के आठ किसानों के साथ हुए अन्यायपूर्ण व्यवहार का एक गंभीर प्रकरण उजागर किया।
पूर्व विधायक ने बताया की इन किसानों पर जगदीशपुर बिजली विभाग के SDO द्वारा, कथित तौर पर किसी बाहरी व्यक्ति के ‘कहने पर’, प्रत्येक पर 67,000 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। यह विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि इनमें से दो किसानों के नाम पर न तो कोई जमीन है और न ही सिंचाई हेतु कोई मोटर। भाई दिनेश ने कहा कि यह प्राथमिकी (FIR) स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि इसे किसी के प्रभाव में आकर और एक ही स्थान पर बैठकर तैयार किया गया है। इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई पर अपनी गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए, भाई दिनेश ने तर्क दिया कि यदि क्षण भर के लिए यह मान भी लिया जाए कि किसानों ने अपनी धान की रोपाई के लिए मोटर का उपयोग किया था, तो भी यह कोई अक्षम्य अपराध नहीं था।
उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किसान बार-बार बिजली विभाग के कार्यालय जाकर वैध उपभोक्ता बनने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें यह कहकर उपभोक्ता नहीं बनाया गया कि निजी बोरिंग पर अभी तक आवश्यक तार, पोल और ट्रांसफार्मर नहीं पहुँचे हैं। ऐसे में, जब किसानों को वैध उपभोक्ता का दर्जा नहीं दिया जा रहा था और सरकारी नहर का पानी भी उनकी कृषि भूमि तक नहीं पहुँच रहा था, तो उनके पास अपनी धान की रोपाई करने के अतिरिक्त कोई और विकल्प नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी स्थिति में किसान अपनी खेती-बाड़ी बंद कर देते? उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों ने बिजली का उपयोग किसी उद्योग या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने के लिए नहीं किया था, बल्कि केवल अपनी आजीविका और देश के लिए अन्न उत्पादन हेतु किया था।
भाई दिनेश ने जगदीशपुर बिजली विभाग के SDO द्वारा किसानों पर लगभग पाँच लाख रुपये का जुर्माना लगाने और प्राथमिकी दर्ज करने को एक ‘बड़ा गुनाह’ करार दिया। उन्होंने पुरजोर माँग की कि इस अन्यायपूर्ण प्राथमिकी को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि वे इस गंभीर मुद्दे को लेकर दक्षिण बिहार विद्युत बोर्ड, पटना के प्रबंध निदेशक (MD) से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे और उन्हें किसानों के साथ हुए इस अन्याय के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि इस गंभीर समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं होता है और किसानों को न्याय नहीं मिलता है, तो वे SDO के कार्यालय कक्ष में धरना देंगे और किसानों के हित में निर्णायक संघर्ष करेंगे।
उन्होंने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और बिहार एक कृषि प्रधान प्रदेश है, जहाँ किसानों के उत्थान और कल्याण के लिए दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। ऐसे परिदृश्य में, किसानों पर लाखों रुपये का अन्यायपूर्ण जुर्माना लगाना अत्यंत निंदनीय, अस्वीकार्य और सरकार की किसान हितैषी नीतियों के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, भाई दिनेश ने कार्यकारी अभियंता, विद्युत बोर्ड, जगदीशपुर-बिहिया से कुसहा टोला पर मौजूदा 16 केवीए के ट्रांसफार्मर को 63 केवीए के अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर से बदलने का भी आग्रह किया, ताकि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि वे किसानों को फसल क्षति का लाभ जल्द से जल्द दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।











