Garhani Latest News: नवजात बच्चे को बेचने में होमगार्ड की महिला सिपाही चांदनी शर्मा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बताई जा रही है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी।
- हाइलाइट: Garhani Latest News
- डाक्टर की निशानदेही पर पीरो और औरंगाबाद से पकड़े गए दो सहयोगी
- नवजात की बरामदगी को लेकर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस लगातार कर रही छापेमारी
- गड़हनी के अगिआंव पीएचसी के बाहर सात दिसंबर को नवजात का किया गया था सौदा
- बेटे-बहू के प्रेम विवाह से नाराज दादी ने 50 हजार में बेच दिया था नवजात पोता
- दादी और होमगार्ड की महिला सिपाही सहित अबतक सात गिरफ्तार
Garhani Latest News आरा, बिहार। भोजपुर जिले की गड़हनी थाने की पुलिस को जन्म के तुरंत बाद नवजात को बेचे जाने के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस द्वारा नवजात बच्चे को खरीदने वाले रोहतास के झोला छाप डाक्टर और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को डाक्टर दिलीप उर्फ हरिशंकर पंडित की निशानदेही पर पीरो और गिरफ्तार किया गया है। इनमें डाक्टर दिलीप के अलावे तीयर थाना क्षेत्र के अंधारी बाग गांव निवासी बंटी कुमार और औरंगाबाद के कास्मा थाना क्षेत्र के विशंभरपुर गांव निवासी संदीप कुमार शामिल हैं।
बंटी कुमार पीरो स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक का स्टाप है, जबकि संदीप कुमार औरंगाबाद के गोह में नर्सिंग होम चलाता है। मुख्य आरोपित डाक्टर दिलीप उर्फ हरिशंकर पंडित रोहतास जिले के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के हुंकाडीह गांव निवासी है। वह रोहतास के दिनारा सहित अन्य जगहों पर भी क्लीनिक चलाता है। हालांकि अबतक नवजात की बरामदगी नहीं हो सकी है। डाक्टर दिलीप की निशानदेही पर पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।
थानाध्यक्ष कमलजीत ने बताया कि पुलिस की लगातार दबिश के कारण नवजात खरीदने का मुख्य आरोपित डाक्टर दिलीप उर्फ हरिशंकर पंडित द्वारा गड़हनी थाने में सरेंडर कर दिया गया। उसकी निशानदेही पर बंटी कुमार को पीरो, जबकि संदीप कुमार को औरंगाबाद से पकड़ा गया। तीनों की निशानदेही पर नवजात की बरामदगी को लेकर छापेमारी की जा रही है। इधर, पूछताछ के बाद पुलिस द्वारा तीनों को जेल भेज दिया गया।
बता दें कि सात दिसंबर को नारायणपुर गांव निवासी चितरंजन कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी ने बेटा जना था। उसके तुरंत बाद ही खुशबू की सास क्रिंता देवी द्वारा अपने नवजात पोते को पड़ोसी महिला और उसकी रिश्तेदार की मदद से डाक्टर दिलीप को पचास हजार में बेच दिया गया था। खुशबू कुमारी की ओर से 16 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराये जाने कै बाद पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए खुशबू कुमारी की सास क्रिंता देवी, उसी गांव की कविता शर्मा और आरा निवासी कविता शर्मा की रिश्तेदार होमगार्ड की सिपाही चांदनी शर्मा के अलावे डाक्टर की सहयोगी प्रीति कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद से पुलिस की ओर से डाक्टर दिलीप की गिरफ्तारी और नवजात की बरामदगी को लेकर छापेमारी की जा रही थी। उसी क्रम में डाक्टर दिलीप उर्फ हरिशंकर पंडित द्वारा सरेंडर कर दिया गया।
Garhani Latest News: साढ़े तीन लाख नवजात बच्चे के सौदा होने की चर्चा, मास्टरमाइंड बतायी जा रही होमगार्ड सिपाही
बेटे-बहू के प्रेम विवाह से नाराज महिला द्वारा नवजात पोते को बेचे जाने के मामले में अब तक दादी सहित सात आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस बच्चे की बरामदगी में जुटी है। बच्चा खरीद बिक्री से जुड़े पूरे मामले का खुलासा करने की कोशिश भी पुलिस द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि नवजात बच्चे को बेचने में होमगार्ड की महिला सिपाही चांदनी शर्मा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कहा जा रहा है कि कविता शर्मा के कहने पर उसने ही रोहतास के झोला छाप डाक्टर से बात की थी।
सूत्रों के अनुसार उसके द्वारा डाक्टर से करीब साढ़े तीन लाख रुपए से नवजात का सौदा किया गया था। उसमें बच्चे की दादी को 50 हजार रुपए दिया गया था। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की गयी है। लेकिन पुलिस की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो बच्चे को झारखंड में भेज दिया गया है। ऐसे में पुलिस डाक्टर और उसके सहयोगियों से पूछताछ कर बच्चे की बरामदगी में जुटी है। इधर, इस मामले में होमगार्ड की महिला सिपाही चांदनी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाने की तैयारी चल रही है। थानाध्यक्ष कमलजीत के बताया कि इस मामले में उसके खिलाफ रिपोर्ट भेजी जा रही है।

