Panchayat Secretaries Strike: पंचायत सचिवों की अनधिकृत हड़ताल पर प्रशासन का सख्त रुख: जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
- हाइलाइट: Panchayat Secretaries Strike
- सचिवों की हड़ताल पर प्रशासन सख्त ‘नो वर्क नो पे’ के साथ कार्रवाई तय
- पंचायत सचिवों की मनमानी नहीं चलेगी, वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश जारी
आरा। प्रखंड स्तर पर पंचायत सचिवों की अनधिकृत हड़ताल के कारण सरकार की अनेक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजनाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। इस हड़ताल के कारण पंचायत स्तर के दैनिक कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव ग्रामीण विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों पर पड़ रहा है। आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों और सरकारी लाभों के लिए परेशान हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
Panchayat Secretaries Strike: प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
इस गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग के स्पष्ट निर्देशों के आलोक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्यों की गति किसी भी स्थिति में बाधित न हो। जारी निर्देशों के अनुसार, यदि हड़ताल पर गए पंचायत सचिव निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने कर्तव्यों पर वापस नहीं लौटते हैं, तो उनके स्थान पर तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत, प्रखंड विकास पदाधिकारियों को लेखपाल सह आईटी सहायकों को पंचायत स्तर के कार्यों के निष्पादन हेतु अधिकृत करने के लिए अनुशंसा सहित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इससे पंचायत का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहेगा और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में कोई व्यवधान नहीं आएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में निर्देशित किया है कि जो पंचायत सचिव अनधिकृत रूप से हड़ताल पर हैं, उनकी अनुपस्थिति की अवधि को ‘नो वर्क नो पे’ (कार्य नहीं तो वेतन नहीं) के सिद्धांत के तहत चिह्नित किया जाए और उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाए। इसके अतिरिक्त, जो कर्मी अपने कर्तव्य पर लौटने में कोताही बरतेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की जाएगी, जिसके अंतर्गत उनके विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित करने का आदेश दिया गया है।


