Nathmalpur: बड़हरा प्रखंड के महुली गंगा नदी घाट पर आयोजित इस राजकीय सम्मान के दौरान, शहीद के बड़े बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
- हाइलाइट: Nathmalpur
- पंचतत्व में विलीन हुए भोजपुर के लाल हरेराम कुंवर
- बड़हरा के महुली गंगा नदी तट पर सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
- शाहिद के बेटे ने दी मुखाग्नि नाम हुई लोगों की
आरा। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गत गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में वीरगति को प्राप्त बिहार रेजीमेंट के जवान नायक हरेराम कुंवर का अंतिम संस्कार शनिवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ संपन्न हुआ। बड़हरा प्रखंड के महुली गंगा नदी घाट पर आयोजित इस राजकीय सम्मान के दौरान, शहीद के बड़े बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह भावुक क्षण उपस्थित सभी लोगों की आंखों को नम कर दिया।
इससे पूर्व, जवान हरेराम कुंवर का पार्थिव शरीर एक सैन्य वाहन से उनके पैतृक गांव, बड़हरा थाना क्षेत्र के नथमलपुर पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चे, युवा, बुजुर्ग एवं महिलाएं सभी शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए आतुर थे। लोगों ने नम आंखों से शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पमालाएं अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान, जवान की पत्नी एवं परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिसे देख हर कोई द्रवित हो उठा। अंतिम दर्शन के पश्चात, पार्थिव शरीर को महुली गंगा नदी तट पर ले जाया गया, जहां पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विदित रहें कि गुरुवार को डोडा जिले के भद्रवाह-चंबा सड़क मार्ग पर खन्नी टॉप के पास सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन 200 फुट गहरी खाई में गिर गया था। यह वाहन आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए अपनी निर्धारित पोस्टिंग पर जा रहे जवानों को ले जा रहा था। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कुल 10 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि 11 अन्य घायल हुए। भोजपुर जिले के निवासी नायक हरेराम कुंवर भी इन्हीं शहीदों में से एक थे।
38 वर्षीय नायक हरेराम कुंवर ने गुरुवार की सुबह ही अपनी मां शांति देवी से मोबाइल पर बातचीत कर घर-परिवार का हालचाल जाना था। बातचीत के बाद उन्होंने अपनी ड्यूटी पर निकलने की बात कही थी। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी अपने परिजनों से आखिरी बातचीत होगी। कुछ ही घंटों बाद उनके बलिदान की सूचना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया और एक गहरे सदमे में डाल दिया।

