Friday, February 26, 2021
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दो चुनाव हार के बाद 1985 में विधायक बने नीतीश कुमार

Nitish Kumar को पहले के दोनों चुनाव में निर्दलीय ने किया था पराजित

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) नालंदा के हरनौत सीट से अपने पहले के दो चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार से पराजित हो गए थे। छात्र राजनीति के उपज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेपी आंदोलन के बाद जब 1977 में विधानसभा चुनाव हुए तो जनता पार्टी के टिकट पर हरनौत सीट से चुनाव लड़ रहे नीतीश कुमार को निर्दलीय भोला प्रसाद सिंह ने चुनाव में पराजित कर दिया था। दूसरी बार 1980 में जब मध्याविधि चुनाव हुए तो फिर एक बार नीतीश कुमार को जनता पार्टी सेकुलर के टिकट पर उम्मीदवार बनाया गया। और इस बार निर्दलीय अरुण कुमार सिंह ने नीतीश कुमार को पराजित कर दिया।

दो बार निर्दलीय से हारने के बाद 1985 में लोकदल ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को उम्मीदवार बनाया और इस बार नीतीश कुमार को जीत मिली। इसके बाद नीतीश कुमार आगे बढ़े तो बढ़ते चले गए। 1989 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार बाढ़ संसदीय सीट से कांग्रेस के चर्चित उम्मीदवार रामलखन सिंह यादव को पराजित कर संसद निर्वाचित हुए। लगातार 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार बिहार में एक बार फिर जीत के रिकार्ड बनाने हेतु बिहार विधानसभा के चुनावी मैदान में प्रयासरत है।

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