Ara station आरा। सीनियर सिटीजन के टिकट पर ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को पकड़ा गया है। सोमवार को आरा स्टेशन पर ट्रेन से इन यात्रियों को उतारा गया। इन यात्रियों की उम्र 24 से 45 के बीच है। इनमें छह दरभंगा, दो अरवल, दो गया, एक नालंदा और एक औरंगाबाद के रहने वाले हैं। सूरत के व्यवसायी द्वारा इनके लिये टिकट भेजी गयी थी। हालांकि मजदूरों के पास से मिले टिकट पर सही उम्र अंकित था। सभी को व्हाटसएप से ई-टिकट भेजे गये थे।
Ara station – आरा में आरपीएफ ने जांच के बाद सभी मजदूरों को ट्रेन से उतारा
आरपीएफ इंस्पेक्टर शंभूनाथ राम के अनुसार सोमवार सुबह सूचना मिली कि मुजफ्फरपुर-अहमदाबाद ट्रेन से कुछ कम उम्र के लोग सीनियर सिटीजन कोटा के टिकट पर सफर कर रहे हैं। इस आधार पर ट्रेन आरा (Ara station) पहुंची, तो चेकिंग की गयी। इस दौरान कोच एस-11 व एस-12 से 12 यात्रियों को पकड़ा गया। जांच करने के बाद सभी को उतार दिया गया।
सूरत के व्यवसायी ने भेजी थी टिकट, 24 से 45 साल के थे सभी मजदूर
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(Ara station) इंस्पेक्टर ने बताया कि इन मजदूरों के पास से मिले टिकट पर सही उम्र अंकित थे। उन्होंने बताया कि सूरत से ही टिकट कटा कर भेजा गया था। सीनियर सिटीजन के कोटा पर टिकट बुक करने के बाद ई-टिकट बनाने वाले एजेंट ने उम्र बदल कर टिकट प्रिंट कर मजदूरों को भेज दिया है। इस पूरे मामले में सूरत के एक व्यवसायी की भूमिका है।
व्यवसायी कि इस करतूत से रेलवे के राजस्व को चूना लगा है। इस संबंध में सूरत के आरपीएफ से संपर्क कर पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। सूरत की आरपीएफ टीम इस मामले की जांच करेगी। व्यवसायी व जालसाजी कर सीनियर सिटीजन के कोटा पर कम उम्र के लोगों के टिकट बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया जायेगा।


