Bhojpur SP Allegations: भोजपुर एनकाउंटर मामला : एसपी पर लगे आरोपों को पुलिस ने बताया निराधार, जारी की आधिकारिक विज्ञप्ति
- हाइलाइट: Bhojpur SP Allegations
- पुलिस प्रशासन ने इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने का दिया भरोसा
आरा। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से भोजपुर एसपी पर लग रहे गंभीर आरोपों के बीच शनिवार को जिला पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पुलिस ने इन सभी दावों को पूरी तरह असत्य, निराधार और तथ्यहीन करार दिया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब मृतक भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने मीडिया के सामने आकर एसपी राज पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया। चंदन तिवारी का दावा था कि एसपी ने उन्हें अलग ले जाकर न केवल उनके भाई को अपराधी बताया, बल्कि उन्हें भी इसी तरह की कार्रवाई की धमकी दी। इन आरोपों के बाद से ही एसपी भोजपुर सीधे निशाने पर आ गए थे।
पुलिस ने अपनी सफाई में बताया कि पुलिस अधीक्षक भरत तिवारी के आवास पर उनके परिजनों से मुलाकात करने गए थे। इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना, उनका पक्ष सुनना और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाना था। पुलिस के अनुसार, इस दौरान शाहपुर थाना की टीम और महिला पुलिसकर्मी भी साथ मौजूद थीं।
Bhojpur SP Allegations : परिजनों के अनुरोध पर एसपी ने अलग की थी बात
प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों के स्वयं के अनुरोध पर ही एसपी ने उनसे भीड़ से अलग हटकर बात की थी। उस संक्षिप्त चर्चा के दौरान परिवार ने अपनी सुरक्षा और मामले की पारदर्शी जांच की मांग रखी थी। पुलिस ने जोर देकर कहा है कि बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या डराने-धमकाने की घटना नहीं हुई। पुलिस का मानना है कि इस तरह के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और संभवतः बाहरी तत्वों के बहकावे में आकर दिए गए हैं।
भोजपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और जिम्मेदार अधिकारियों की छवि धूमिल करने वाले प्रयासों से बचें। पुलिस ने दोहराया है कि वे इस मामले में पूरी संवेदनशीलता के साथ निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं।
फिलहाल, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में परिवार और पुलिस के बयान एक-दूसरे के विपरीत दिशा में हैं। जहाँ परिजन गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस ने हर दावे को खारिज कर दिया है। इस मामले की असल सच्चाई क्या है, यह तो उच्च स्तरीय जांच और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। अभी के लिए, पुलिस प्रशासन ने इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने का भरोसा दिया है।




