Bharat post-mortem report: बता दें कि 17 जून को बिलौटी गांव में हुए एनकाउंटर पर परिजनों ने शुरू से ही सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हथियार फेंक देने के बाद भरत तिवारी को गोली मारी थी।
- हाइलाइट: Bharat post-mortem report
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भरत भूषण तिवारी को कुल पांच गोलियां लगी थीं
आरा। बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है। इस रिपोर्ट ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भरत भूषण तिवारी को कुल पांच गोलियां लगी थीं। रिपोर्ट के अनुसार, पहली गोली बाईं जांघ के ऊपरी हिस्से में, दूसरी बाईं जांघ के अंदरूनी हिस्से में, तीसरी दाईं जांघ के बीच के अंदरूनी हिस्से में, चौथी दाईं जांघ के बाहरी हिस्से में और पांचवीं गोली बाएं पैर के पिछले हिस्से में लगी थी।
Bharat post-mortem report : तब डॉक्टर ने बताया था मरीज को 4 से 5 गोलियां लगी थीं
गौरतलब है कि जब 17 जून को बिलौटी गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस भरत तिवारी को अस्पताल ले गई थी, तब भी डॉक्टरों ने इसी तरह की जानकारी दी थी। आरा सदर अस्पताल के सर्जन डॉ. एम. एच. अंसारी ने बताया था कि मरीज को 4 से 5 गोलियां लगी थीं और वह सदमे की स्थिति में था। अत्यधिक रक्तस्राव और अंदरूनी चोटों के कारण उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था।
इस मामले में मृतक की मां आशा देवी ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें एसपी पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है और उनका मानना है कि एनकाउंटर का आदेश ऊपर से दिया गया था। आशा देवी ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि वे इस मामले को लेकर हाई कोर्ट और दिल्ली तक जाएंगी। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि उनके दूसरे बेटे चंदन तिवारी को धमकाया गया और मीडिया से बात न करने का दबाव बनाया गया। उन्होंने एसपी के ट्रांसफर और मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
बता दें कि 17 जून को बिलौटी गांव में हुए इस एनकाउंटर पर परिजनों ने शुरू से ही सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हथियार फेंक देने के बाद भरत तिवारी को पांच गोली मारी थी। इस विवादित घटना के बाद एसडीपीओ और एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। फिलहाल, सभी की निगाहें रिटायर्ड जज की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की सच्चाई सामने लाने का आधार बनेगी।




