Monday, March 8, 2021
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राजद नेता हीरा ओझा नाम के ही नही काम के भी हीरा है

RJD leader Heera Ojha राजद नेता हीरा ओझा ने राजद नेतृत्व,कार्यकर्ताओं और सभी आम आवाम को साधुवाद दे निर्णय का आदर किया

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के प्रति समर्पित भाव रखने वाले राजद नेता हीरा ओझा (RJD leader Heera Ojha) नाम के ही नही काम के भी हीरा है दूसरी दफा टिकट नही मिलने के बावजूद भी राजद व नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते अपने समर्थकों को भी स्पष्ट करते कहा ….हे तपोपुँज्ज,
“राजद द्वारा मुझे टिकट नही दिए जाने पर नराज एवं उदाश कार्यकर्तावों एव समर्थकों की भावनावों का मैं आदर करता हूँ।” परन्तु मैं आपके संज्ञान में देना चाहता हूं कि दल के निर्णायक मंडल में बहुत ही ब्यापक दृष्टिकोण वाले सक्षम राजनेता होते है एवं उनके सिरमौर “आदरणीय लालू जी” है अतः मैं इस निर्णय के समक्ष नतमस्तक एव प्रतिबद्ध हुँ।
आपको ज्ञात होना ही चाहिये की हमारा पाला ऐसे प्रतिद्वंदी से पड़ा है जो भारत के कुल संपदा को अपनी जेब मे लेकर घूम रहा है तथा धनबल एव सत्ता की ताकत पर न्यायपालिका और कार्यपालिका को अपने इशारे पर नाचने के लिए विवश कर दिया है। अतः ऐसे में हमे अत्यंत संयम एव कुशलता के साथ इस रण में भाग लेना है- तभी हम विजयी होंगे।

RJD leader Heera Ojha ने कहा हे अनघ! मन या बाहर के द्वीप पर अकेले बैठे मनुष्य का न कोई मूल्य होता है न कोई मान्यता। यह सब तब शुरू होता है, जब आदमी दूसरे से जुड़ना स्वीकार कर लेता है अथवा समाज के लिए अपना जीवन उपयोगी बनाना चाहता है। आज सत्ता में बैठे लोग अपने गलियारे में भी उसे ही आने देना चाहते है, जो उनकी ब्यवस्था के स्थायीकरण की नीति की चुनौती न दे। आप देख सकते है— चीन के राष्ट्रपति श्री शी जिनपिंग महोदय जीवन पर्यंत राष्ट्राध्यक्ष बने रहने की ब्यवस्था कर चुके है, ब्लादिमीर पुतिन साहब भी उसी रास्ते पर है- ” आदरणीय द्वय मोदी जी लोग” भी इसी प्रयास में है एवं 2020 के नीतीश तो और एक कदम आगे हैं- मनुष्य-मनुष्य को बराबरी का दर्जा, सुविधाएं एव सम्मान देने वाली लोकतांत्रिक व्यवस्था को धत्ता बताते हुए, ये लोग प्रकारांतर से सामंती सोच और ब्यवस्था को पुनर्स्थापित करने में जी जान से लगे है, और चाहते है कि लोगों की समझ इतनी कुंद एव मन्द हो जाये कि सम्मोहित मृग की तरह हमारे जाल में खुशी खुशी सिमट जाए। फिर ये आम जनता की भावनाओं का शोषण मीठी मीठी मन की बातें सुनाकर करेंगे ताकि तन की रक्त मज्जा तथा धन की पाई पाई इनकी झोली में सहर्ष डाल दें फिर ये हमारे हाथ पर चॉकलेट की तरह वर्ष में 6000 रुपये का तोहफा रख देंगे- और हम आम जन फुले-फुले और इतराते हुए घूमेंगे और बदले में अपना अनमोल वोट देकर उन्हें पुनः अधिकृत कर देंगे कि आप पुनः हमारा शोषण कीजिये अथवा ………। नही, नही बिहारवासियों! आपकी समझ एव बोधगम्यता का संसार आदर करता है अतः आप सतर्क होकर मतदान करें- सत्ता के मद में चूर मतवालों को बताइये की आपकी कारगुजारियां हम अमनपसंद लोगों को रास नही आ रही है।

RJD leader Heera Ojha ने कहा मित्रों! जब आपकी समझ ऐसी हो जाएगी तो आप इस उलझन इस दुःख से अलग हो जाएंगे कि “हीरा ओझा” को टिकट क्यों नही मिला। पार्टी के निर्णायक मंडल को ज्ञात है कि किसे क्या कार्य दिया जाय एव किसे क्या टास्क दिया जाय। हमे उनके निर्णय का आदर करना ही चाहिए अन्यथा हम “कर्मठ राजद” की संज्ञा से स्वयं ही वंचित हो जाएंगे जिसे आपने, अपने रक्त से सींचा है। इसके साथ ही राजद नेता हीरा ओझा ने सभी आम आवाम को साधुवाद दे निर्णय का आदर किया।

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