Wednesday, March 3, 2021
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न्याय के लिये पुलिस नहीं, अब हनुमान जी पर टिका भरोसा

No bihar police- साहबों व दफ्तरों का चक्कर लगा थकापरिवार अब बजरंग बली से लगा रहा गुहार

हाथ में गंगाजल लेकर पूरा परिवार कर रहा हनुमान चालीसा का पाठ

आरा। No bihar police- किसी माता-पिता को सबसे अधिक दुख तब होता है, जब उनका जवान बेटा मारा जाता है। उनका दर्द तब और बढ़ जाता है, जब लाख प्रयास के बावजूद भी इंसाफ नहीं मिल पाता है। ऐसे में जवान बेटे के गम में टूट चुके मां-बाप का कानून से भरोसा भी टूट जाता है। अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के डोमनडिहरा गांव निवासी बैजनाथ पांडेय और उनकी पत्नी रति देवी की स्थिति ऐसी ही हो गयी है।

बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अनशन पर बैठे माता-पिता

दसवें दिन अनशन पर बैठे बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ी तबीयत 

अपने जवान बेटे अमित के हत्यारों की गिरफ्तारी और इंसाफ की साहबों से गुहार लगा-लगा कर दोनों थुके हैं। न्याय नहीं मिला, तो बापू के आदर्शों पर पर चलते हुये अनशन किया। इसके बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला और हत्या के दो साल बाद भी आरोपित गिरफ्तार नहीं किये जा सके। इसके बाद तीसरी बार भी अनशन शुरू किया गया है। बावजूद अबतक कोई सार्थक पहल नहीं की जा सकी है। इससे बुजुर्ग माता-पिता का कानून से भरोसा टूट चुका है No bihar police। दोनों को अब पुलिस नहीं बजरंग बली पर भरोसा है। उनका परिवार अब हाथ में गंगाजल लेकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा है। दस दिनों से अनशन पर बैठे बैजनाथ पांडेय और उनकी पत्नी की मानें तो कुर्सी और साहबों से गुहार लगाकर उनका परिवार थक चुका है। अब तो सिर्फ बजरंग बली पर ही भरोसा है। वे ही इंसाफ करेंगे। इसके लिये गंगा जल लेकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। माता-पिता केअनुसार पुलिस का कहना है कि डीआईजी साहब के आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई की जायेगी। इधर, अनशन के दसवें दिन रविवार को दंपति की तबीयत बिगड़ गयी। उसकी सूचना पर मेडिकल टीम पहुंची और जांच कर दवा दी गयी। 

तिलक के बहाने घर से ले जाकर कर दी गयी थी हत्या

आरा। No bihar police डोमनडिहरा गांव निवासी अमित पांडेय की हत्या को लेकर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। उसमें गांव के ही संजय पांडेय, दिनेश पांडेय, उमेश पांडेय व अक्षय कुमार पांडेय को आरोपित किया गया था। पिता बैजनाथ पांडेय के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 4 मई 2018 की रात आठ बजे आरोपित दरवाज पर आये और उनके बेटे अमित को तिलक में जाने के बहाने लेकर चले गये। रात तक जब अमित घर नहीं पहुंचा, तो संजय पांडेय के घर जाकर पूछताछ की गयी। तब उनके घर की महिलाओं द्वारा किसी के घर नहीं आने की बात कही गयी। सुबह अमित का शव बरामद किया गया। प्राथमिकी के अनुसार पूर्व के जमीन संबंधी विवाद में अमित की हत्या की गयी थी।

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