Wednesday, January 21, 2026
No menu items!
Homeशाहपुरसेमारियानिष्ठा और ईमानदारी के अभाव के कारण पौधों ने तोड़ा दम- हीरा...

निष्ठा और ईमानदारी के अभाव के कारण पौधों ने तोड़ा दम- हीरा ओझा

सेमरिया: पेड़ लगाने की परंपरा गुजरे जमाने की बात हो गई है। जब बैलगाड़ियों व घोड़ागाड़ियों के कारवां चलते थे तो लोग सड़कों के किनारे फलदार पौधे रोपते थे ताकि राहगीरों को छाया के साथ-साथ रास्ते में फलों से कुछ भूख शांत करने की राहत प्रदान की जा सके लेकिन अब यह परंपरा कोसों दूर हो गई है।

  • रखरखाव के अभाव में सड़क किनारे लगे पौधे सूखे
  • बचा है तो केवल टूटा हुआ बांस का ग्रैवियन

Bihar/Ara: भोजपुर जिला में फोरलेन सहित अन्य सड़कों के चौडीकरण के दौरान सड़कों के किनारे लगे जो पेड़ कटावा दिए गये उनके स्थान पर एक तो पौधरोपण नहीं हुआ और अगर विभाग ने पौधे लगाए भी तो वे रखरखाव के अभाव में ही दम तोड़ दिया है। भोजपुर जिला मे शाहपुर NH 84 से सेमरिया रोड, गोसाईपुर होते हरिहरपुर से आगे जानेवाली सड़क किनारे लगाए गये पौधे देखरेख एवं रखरखाव के अभाव में लगने से पहले ही इन पौधों ने दम तोड़ दिया है। सरकार के एक अच्छी योजना में निष्ठा और ईमानदारी का अभाव साफ – साफ देखा जा सकता है।

सेमरिया: देखरेख के अभाव मे सुख गये सड़क किनारे लगे पौधे

वही morning walk पर निकले राजद नेता ने कहा की मै रोज सुबह कई गांवों का भ्रमण करता हूं । इस दौरान शाहपुर के सेमारिया मार्ग जो गोसाईपुर – हरिहरपुर होते यह मार्ग आगे दूर तक जाता है । इस मार्ग मे सड़क किनारे लगे पौधे देखरेख के अभाव मे सुख गये है। बचा है तो केवल टूटा हुआ बांस का ग्रैवियन, वो भी गिरा हुआ। सड़क किनारे फलदार व छायादार पौधे लगाने की परंपरा को धर्म के साथ भी जोड़कर इसे बढ़ावा दिया जाता रहा हैं। लेकिन लगाने वाले मे शायद इस निष्ठा और ईमानदारी की कमी रही होंगी। क्योंकि जो समय उसने चुना, इस मौसम में पौधे नहीं लगाए जाते है, पौधे बरसात के समय लगाये जाते है जो आसानी से लग जाते है।

Jayanandan Chaudhary
Jayanandan Chaudhary (1)
previous arrow
next arrow
Ara
medicon

कहना उचित होगा की अब सड़कों के किनारे लोगों की ओर से पेड़ लगाने की परंपरा गुजरे जमाने की बात हो गई है। जब बैलगाड़ियों व घोड़ागाड़ियों के कारवां चलते थे तो लोग सड़कों के किनारे फलदार पौधे रोपते थे ताकि राहगीरों को छाया के साथ-साथ रास्ते में फलों से कुछ भूख शांत करने की राहत प्रदान की जा सके लेकिन अब यह परंपरा कोसों दूर हो गई है। सरकारी प्रोत्साहन के बावजूद निष्ठा और ईमानदारी का अभाव साफ – साफ देखा जा सकता है।

RAVI KUMAR
RAVI KUMAR
बिहार के भोजपुर जिला निवासी रवि कुमार एक भारतीय पत्रकार है एवं न्यूज पोर्टल खबरे आपकी के प्रमुख लोगों में से एक है।
- Advertisment -
Bharat Ji Shahpur
Khabre Apki Play
Khabre Apki Play

Most Popular