HomeNewsस्टीमर के सहारे गंगा में खाक छानती रही एसडीआरएफ की टीम

स्टीमर के सहारे गंगा में खाक छानती रही एसडीआरएफ की टीम

खबरे आपकी SDRF आरा। भोजपुर जिले के कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के केवटिया गंगा नदी में डूबे युवक का शव दूसरे दिन भी नहीं मिल सका। मछुआरों के बाद SDRF एसडीआरएफ की टीम को भी कोई सफलता नहीं मिली। एसडीआरएफ की टीम स्टीमर (बोट) के जरिये सोमवार को पूरे दिन गंगा में खाक छानती रही। लेकिन शव नहीं मिल सका। इससे परिजनों की बेचेनी बढ़ती जा रही है। परिजन मायूस भी होने लगे हैं।

jay kumar

SDRF से शव के इंतजार में गंगा के तट पर पूरे दिन टकटकी लगाये बैठे रहे परिजन

रविवार की दोपहर स्नान करने के दौरान गंगा में डूब गया था सोहरा का युवक

गंगा में डूबे युवक का दूसरे दिन सोमवार को भी नहीं मिला शव

विदित हो कि रविवार की सुबह करीब 11 बजे स्नान करने के दौरान सोहरा गाव निवासी ननन बिंद का 25 वर्षीय पुत्र अखिलेश बिंद गंगा में डूब गया था। उसके बाद स्थानीय मछुआरों और महाजाल की मदद से शव की तलाश की गयी। पूरे दिन की काफी मशक्कत के बाद भी शव नहीं मिल सका था। तब विधायक व पूर्व मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा सोमवार की सुबह एसडीआरएफ (SDRF) की टीम भेजी गयी। जदयू नेता विश्वनाथ सिंह भी पहुंचे थे और अफसरों से बात कर एसडीआरएफ की टीम भेजने की बात कही थी। बुलाने को करीब नौ बजे पहुंची आठ सदस्यीय टीम बोट के सहारे पूरे दिन गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाती रही है। लेकिन देर शाम तक भी डूबे युवक का शव नही मिल पाया था ।

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मां बेहाल, रोते-रोते बोली पत्नी: हे गंगा मइया काहे उजाड़ देलू सुहाग
SDRF दवरा गंगा में डूबे अखिलेश बिंद के शव की खोजबीन दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रही। इस दौरान अखिलेश बिंद के परिजन गंगा के तट पर पूरे दिन टकटकी लगाये बैठे रहे। परिजन अखिलेश के जिंदा होने की उम्मीद तो पहले ही खो चुके हैं। लेकिन अब शव भी नहीं मिल रहा है। इससे उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है। बेटे के वियोग में मां तो पति की याद मे पत्नी बेहाल है। रविवार की दोपहर से ही रो-रोकर दोनों का बुरा हाल हो गया है। सोमवार को भी जब अखिलेश का शव नहीं मिला, तो दोनों दहाड़ मार रोने लगी। पत्नी बार-बार एक ही बात कह रही थी कि गंगा मइया, काहे हमार सुहाग उजाड़ देलू। कवना गलती के अतना बड़ सजा दे देलू। वहीं मां का हाल भी कुछ ऐसा ही था। वैसे भी इन दोनों के साथ सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

Bijay singh
SDRF
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MD WASIM
MD WASIM
Journalist

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