Shahpur NH-922: भाजपा नेता मुक्तेश्वर ओझा ने दोघरा, शाहपुर कटिंग और बेलौटी को दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताते हुए पूर्व विधायक राहुल तिवारी के १० साल के कार्यकाल पर उठाए सवाल
- हाइलाइट: Shahpur NH-922
- शाहपुर एनएच-922 पर लगातार दुर्घटनाएं
- फोरलेन बना हादसों का हॉटस्पॉट?
- एनएच-922 पर हादसे कब रुकेंगे?
- सर्विस रोड और अंडरपास की मांग
- शाहपुर के ‘ब्लैक स्पॉट’ पर सियासत तेज
मुक्तेश्वर ओझा ने पूर्व विधायक से पूछे सवाल
शाहपुर/आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-922 के फोरलेन पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुक्तेश्वर ओझा उर्फ भुअर ओझा ने पूर्व विधायक राहुल तिवारी के १० साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से 2025 के बीच, जब राहुल तिवारी शाहपुर से विधायक थे, उस दौरान भी क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी रहा।
मुक्तेश्वर ओझा ने सवाल किया कि क्या पूर्व विधायक ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अथवा संबंधित विभागीय अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर शाहपुर के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के बारे में ठोस चर्चा की। उनके अनुसार, सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर लगातार संवाद, निरीक्षण और समाधान के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है।
Shahpur NH-922: स्थानीय स्तर पर ब्लैक स्पॉट की पहचान जरूरी
ओझा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का नक्शा और तकनीकी प्राक्कलन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विशेषज्ञ टीम तैयार करती है। केंद्रीय मंत्री या स्थानीय सांसद हर क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों से पूरी तरह परिचित नहीं हो सकते। ऐसे में स्थानीय विधायक की जिम्मेदारी बनती है कि वह दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर उन्हें संबंधित विभाग और मंत्रालय के समक्ष प्रभावी ढंग से रखे।
उन्होंने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के दोघरा, शाहपुर बाजार की कटिंग और बेलौटी सहित कई स्थानों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताया। उनका कहना है कि इन जगहों पर सर्विस रोड की कमी, सुरक्षित क्रॉसिंग और अंडरपास की अनुपलब्धता के कारण आम लोगों को जोखिम उठाकर सड़क पार करनी पड़ती है। ओझा ने कहा कि राहुल तिवारी ने जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी को वर्ष 2015 से 2025 तक पूरा नहीं किया।
भाजपा नेता ने पड़ोसी क्षेत्रों की तुलना में शाहपुर में बुनियादी सड़क सुरक्षा सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार वाले फोरलेन के साथ पैदल यात्रियों, स्थानीय वाहन चालकों और ग्रामीण आबादी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था होना जरूरी है।
वैकल्पिक व्यवस्था कराने का आश्वासन
मुक्तेश्वर ओझा ने कहा कि अब क्षेत्र में भाजपा का प्रतिनिधित्व है और मेरा भतीजा विधायक है, वे स्वयं इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर उठाएंगे। उन्होंने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र से मिलकर शाहपुर में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, सर्विस रोड और अंडरपास जैसी सुविधाओं की मांग करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार सड़कों का निर्माण देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास के साथ नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। ओझा ने दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले युवाओं के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शाहपुर के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को दुरुस्त कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

