Cleanliness: नगर पंचायत शाहपुर में खुदरा-थोक विक्रेताओं, रेहड़ी और ठेला संचालकों के साथ जागरूकता बैठक; उपमुख्य पार्षद ने एनजीओ की सेवा शर्तों और भुगतान व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल।
- हाइलाइट: Cleanliness
- दुकानदारों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने का निर्देश
- डस्टबिन रखने और गीला-सूखा कचरा अलग करने का निर्देश
शाहपुर/आरा। नगर पंचायत शाहपुर में खुदरा एवं थोक विक्रेताओं के साथ-साथ रेहड़ी और ठेला लगाकर सामान बेचने वाले दुकानदारों के बीच स्वच्छता जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुकानदारों को अपनी-अपनी दुकान, रेहड़ी और ठेले के पास डस्टबिन रखने तथा कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालने का निर्देश दिया गया।
नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शुभम कुमार के निर्देशन में आयोजित बैठक के दौरान सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी मंजीत अरोड़ा ने दुकानदारों से स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुकानदार गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें तथा कचरे को सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें।
बैठक में नगर क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने, कचरे के उचित निस्तारण और दुकानदारों की जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने दुकानदारों से कहा कि वे अपनी दुकानों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से साफ-सफाई रखें तथा नगर पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करें।
Cleanliness – सफाई व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
इधर, नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में असंतोष बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन माह पूर्व नगर क्षेत्र की साफ-सफाई का जिम्मा एक एनजीओ को सौंपे जाने के बावजूद नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही है। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि एनजीओ को प्रत्येक माह करीब 17 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन पुराने सफाई कर्मियों के द्वारा केवल चिन्हित जगहों पर सफाई कराई जा रही है। नए एनजीओ के सफाई कर्मी कही दिखाई नहीं देते।
हालांकि, इस भुगतान और सफाई कार्य से संबंधित आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि नगर क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं हो रही है, तो एनजीओ को भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है।
एनजीओ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। इसके कारण नगर क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मियों की संख्या, सफाई कार्य के लिए निर्धारित शिफ्टों और प्रतिदिन किए जा रहे कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।
उपमुख्य पार्षद ने मांगी सेवा शर्तों की प्रति
नगर पंचायत की उपमुख्य पार्षद झुनिया देवी ने एनजीओ को किए जा रहे भुगतान और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा 4 जून 2026 को एनजीओ की सेवा शर्तों की प्रति मांगी गई थी, लेकिन अब तक उन्हें इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
उपमुख्य पार्षद ने कहा कि अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि नगर क्षेत्र में सफाई कार्य एनजीओ के माध्यम से कराया जा रहा है या विभागीय स्तर पर। उन्होंने कहा कि एनजीओ की सेवा शर्तों की प्रति उपलब्ध होने के बाद ही सफाई व्यवस्था, कर्मियों की संख्या, कार्यक्षेत्र और भुगतान से संबंधित स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

