Shakti Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक शक्ति यादव की एक तस्वीर ने बिहार की सियासत में हलचल पैदा कर दी है।
- हाइलाइट: Shakti Yadav
- सरकार द्वारा राजद के शीर्ष नेताओं की सुरक्षा में कटौती
पटना। बिहार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों गहमागहमी का माहौल है और इसका केंद्र बिंदु पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास बना हुआ है। शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक शक्ति यादव की एक तस्वीर ने बिहार की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। शक्ति यादव को राबड़ी देवी के आवास के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठे देखा गया। उनका यह कदम बिहार सरकार द्वारा पार्टी के शीर्ष नेताओं की सुरक्षा में कटौती करने के निर्णय के विरोध में था।
Shakti Yadav : पार्टी के पदाधिकारी स्वयं अपने नेताओं की सुरक्षा का जिम्मा उठाएंगे
शक्ति यादव ने स्पष्ट किया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस अपमानजनक स्थिति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से बार-बार किए जा रहे अपमान के विरोध में राजद के शीर्ष नेताओं ने राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा को स्वेच्छा से वापस करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अब पार्टी के पदाधिकारी स्वयं अपने नेताओं की सुरक्षा का जिम्मा उठाएंगे। यह घटनाक्रम राज्य गृह विभाग द्वारा राबड़ी देवी, लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित उनके परिवार की सुरक्षा श्रेणी को कमतर करने के आदेश के मात्र दो दिन बाद सामने आया है।
राजद ने इस मामले पर सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। पार्टी ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली और उन्हें मिल रही सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राजद की ओर से जारी बयान में कटाक्ष करते हुए कहा गया कि नीतीश कुमार की अस्वस्थता का हवाला देकर उन्हें विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसमें पटना एयरपोर्ट पर सीधे रनवे तक गाड़ी ले जाने की अनुमति शामिल है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के नाम पर बाप-बेटे को कई सुविधाएं: राजद
आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला यही नहीं थमा। राजद ने नीतीश कुमार और उनके पुत्र निशांत कुमार को आवंटित सुविधाओं पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि निशांत कुमार को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है और उन्हें पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष के नाम कर्णांकित 5 एकड़ के बंगले को अकर्णांकित करते निशांत को आवंटित किया गया है। निशांत कुमार को पटना में ललन सिंह द्वारा एक आलीशान पेंटहाउस फ्लैट गिफ्ट में मिला है और नीतीश कुमार का निजी बंगला वसंत कुंज में संजय झा के बगल में मिला है। राजद का आरोप है कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के नाम पर बाप-बेटे को पटना और दिल्ली में आलीशान बंगले और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, जो कि सत्ता के दुरुपयोग का एक उदाहरण है।
सरकार पर राजनीतिक द्वेष का आरोप
शक्ति यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते हमारे नेताओं को असुरक्षित छोड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सुरक्षा में कटौती की जा रही है और आवास खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है, वह स्पष्ट रूप से राजद नेतृत्व को अपमानित करने की सुनियोजित साजिश है। शक्ति यादव ने चेतावनी दी कि अगर सरकार को लगता है कि हम इन दबावों से झुक जाएंगे, तो यह उनकी भूल है। हम अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं लेने में सक्षम हैं।
विदित रहें कि सुरक्षा में यह कटौती उस विवाद के कुछ समय बाद हुई है, जिसमें राबड़ी देवी के दशकों पुराने सरकारी आवास को भाजपा नेता एवं मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया था। उस समय राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी थी कि वे इस आवास को जबरन खाली कराकर दिखाएं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आवास और सुरक्षा से जुड़े ये विवाद बिहार की राजनीति में आने वाले समय में एक बड़े टकराव का संकेत दे रहे हैं।
फिलहाल, शक्ति यादव का आवास के बाहर बैठकर सुरक्षा वापस करने का ऐलान यह दर्शाता है कि राजद अब इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है। सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ता यह तनाव राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिरता के लिए एक नई चुनौती बनकर उभर रहा है।

