Bharat Tiwari murder: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया की इस जुल्म के खिलाफ देशभर में एक बड़ा हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- हाइलाइट: Bharat Tiwari murder
- शाहपुर के बिलौटी गांव में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान
- परिजनों ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
आरा। चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर परिजनों और समर्थकों का संघर्ष अब केवल बिहार तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भोजपुर के लाल की हत्या की गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली में सुनाई देंगी और बिहार सरकार प्रशासन के जुल्म की कहानी बड़ी दूर तक पहुंचाई जाएंगी। शाहपुर के बिलौटी गांव में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिजनों ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि घटना के समय भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जिसमें पांच गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। वहीं, स्थानीय ग्रामीण व पुलिस प्रशासन भी तीन गोली लगने की बात कहता रहा। परिजन व आंदोलनकारी इसे एक सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर करार दे रहे हैं। न्याय की गुहार लगाते हुए उन्होंने एसडीएम सहित मामले से जुड़े संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और एक निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया की इस जुल्म के खिलाफ देशभर में एक बड़ा हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
Bharat Tiwari murder: कटाव पीड़ितों को वस्त्र बांट दी श्रद्धांजलि
भरत भूषण तिवारी के माता-पिता, काशीनाथ तिवारी और आशा देवी ने अपने पुत्र को एक अनूठी श्रद्धांजलि दी है। ब्रह्मभोज के अवसर पर उन्होंने जवइनिया गांव के उन परिवारों की सुध ली, जो बाढ़ और कटाव की मार झेल रहे हैं। उन्होंने इन पीड़ितों के बीच साड़ी और धोती का वितरण किया। परिजनों का मानना है कि यह नेक पहल भरत के उस सपने को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसमें वे हमेशा समाज सेवा और जरूरतमंदों के पुनर्वास के लिए तत्पर रहते थे।
सैकड़ों स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था
ब्रह्मभोज के कार्यक्रम में भारी जनसमूह उमड़ने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई थीं। कार्यक्रम को व्यवस्थित रखने के लिए सैकड़ों स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला, जिन्होंने पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य कार्यों को बखूबी अंजाम दिया। मौसम के मिजाज और बारिश की आशंका के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए थे, ताकि किसी भी स्थिति में व्यवस्था प्रभावित न हो।
जवानों के पहरे में संपन्न हुआ ब्रह्मभोज
कार्यक्रम की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। भारी भीड़ के प्रबंधन के लिए शाहपुर सहित आसपास के कई थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया था। सुरक्षा घेरे को पुख्ता करने के लिए वर्दीधारी महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ ही सादे कपड़ों में खुफिया विभाग के जवान भी पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए थे।




