Buxar criminal Atal Singh: केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने अपनी एक बड़ी कार्रवाई के तहत बक्सर के मोस्ट वांटेड अपराधी कृष्णा सिंह उर्फ अटल सिंह की तलाश तेज कर दी है।
- हाइलाइट: Buxar criminal Atal Singh
- सीएम के पीए हत्याकांड में सामने आया नाम
- STF की कार्रवाई में खुला राज
- एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज
बक्सर। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने अपनी एक बड़ी कार्रवाई के तहत बक्सर के मोस्ट वांटेड अपराधी कृष्णा सिंह उर्फ अटल सिंह की तलाश तेज कर दी है। एजेंसी ने आरोपी की धरपकड़ के लिए उस पर 50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। इस संबंध में सीबीआई ने आरोपी की तस्वीर जारी करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर भी लगवाए हैं, ताकि आम जनता की मदद से उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके। सीबीआई ने इस अपराधी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
Buxar criminal Atal Singh: पश्चिम बंगाल सीएम के पीए हत्याकांड में सामने आया नाम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित हत्याकांड, जिसमें मुख्यमंत्री के पीए चंद्रनाथ रथ की जान गई थी, उसमें कृष्ण सिंह उर्फ अटल सिंह का नाम मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया है। इस घटना के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से दूर है और एजेंसी लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें तब खुलीं जब पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बक्सर से दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन दोनों से हुई गहन पूछताछ के दौरान ही कृष्ण सिंह उर्फ अटल सिंह का नाम हत्याकांड से जुड़े होने के कारण उजागर हुआ। इसके बाद सीबीआई ने उसे इस पूरे मामले में वांछित अपराधी घोषित कर दिया और उस पर इनाम रखा।
अटल सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा और गंभीर है। बक्सर जिले के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं के तहत एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि वह पहले भी कानून की गिरफ्त में आकर जेल जा चुका है, लेकिन मौजूदा समय में वह फरार चल रहा है, जिससे पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए वह एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय
सीबीआई ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी नागरिक को आरोपी के ठिकाने या उसके बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी मिले, तो वे तुरंत केंद्रीय जांच एजेंसी या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।




