Dry Trees: शाहपुर-बनाही सड़क किनारे यमदूत की तरह खड़े ये पेड़ और उनकी सूखी, कमजोर टहनियां यात्रियों तथा वाहन चालकों के मन में भय पैदा कर रही हैं
- हाइलाइट: Dry Trees
- दुर्घटनाओं को आमंत्रण और जनसुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह
आरा। शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित बनाही सड़क पर सूखे पेड़ इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं,और बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रही है। सड़क किनारे यमदूत की तरह खड़े ये पेड़ और उनकी सूखी, कमजोर टहनियां यात्रियों तथा वाहन चालकों के मन में भय पैदा कर रही हैं, जिससे इस तरफ से यात्रा करना एक खतरनाक अनुभव बन गया है।
शाहपुर नगर पंचायत के बनाही रोड में स्थित इन सूखे पेड़ों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इनकी अधिकांश टहनियां सूख चुकी हैं और वे कभी भी टूटकर सड़क पर गिर सकती हैं। यह स्थिति विशेष रूप से तेज हवाओं, आंधी-तूफान या सामान्य परिस्थितियों में भी बेहद खतरनाक है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन, स्कूल बसें, और पैदल यात्री इस सड़क का उपयोग करते हैं। इन यात्रियों के लिए, ये पेड़ एक अदृश्य खतरे के रूप में मंडरा रहे हैं।
इस सड़क से गुजरने वाले यात्री और वाहन चालक बताते हैं कि जब भी वे इन पेड़ों के पास से गुजरते हैं, तो उनकी नजरें ऊपर की ओर टिकी रहती हैं, इस डर से कि कहीं कोई टहनी उन पर न आ गिरे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये पेड़ वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि जिस सड़क के किनारे ये पेड़ स्थित हैं, वह पथ निर्माण विभाग की देखरेख में है। इस अंतर-विभागीय अधिकार क्षेत्र के कारण समस्या का समाधान लटका हुआ है।
इधर, नपं के पूर्व उपाध्यक्ष सह जदयू नेता गुप्तेश्वर शाह ने कहा की हम शाहपुर नगर पंचायत प्रशासन, वन विभाग और पथ निर्माण विभाग से विनम्र अपील करते हैं कि वे इस महत्वपूर्ण जनसुरक्षा के मुद्दे पर संज्ञान लें। किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा करने के बजाय, निवारक उपाय तुरंत अपनाए जाएं। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में बिना किसी विलंब के ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार ने कहा की बनाही सड़क पर सूखे पेड़ों की टहनियां एक ticking टाइम बम की तरह हैं, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस मामले की गंभीरता को समझेंगे और जनहित में त्वरित कार्रवाई करेंगे।

