Bilauti case: बहुचर्चित बिलौटी पुलिस एनकाउंटर मामले में अब तक मृतक भरत भूषण तिवारी के तरफ से माता-पिता, भाई, भाभी समेत 7 लोगों की गवाही हो चुकी है। अभी 25 और लोगों की गवाही होनी बाकी है।
- हाइलाइट: Bilauti case
- बहुचर्चित बिलौटी पुलिस एनकाउंटर मामला:
- ललीता बोली: पुलिस की गोली लगने के बाद “जय भारत-जय हिंद” बोल रहे थे भरत तिवारी
- चंदन तिवारी ने कहा: न्यायालय पर है पूरा भरोसा
- आयोग के अध्यक्ष सह पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष हुआ बयान
- 17 जून को शाहपुर के बिलौटी में पुलिस एनकाउंटर के दौरान भरत भूषण तिवारी की हुई थी मौत
आरा। बहुचर्चित बिलौटी एनकाउंटर मामले में मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष सह पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष मृतक भरत भूषण तिवारी के भाई चंदन तिवारी एवं ग्रामीण ललीता देवी का बयान दर्ज हुआ। दोनों ने आयोग के समक्ष घटना से जुड़े विभिन्न तथ्यों और अपने पक्ष को विस्तार से रखा।
Bilauti case: न्यायालय पर पुरा भरोसा, सरकार पर नहीं
मृतक के भाई चंदन तिवारी ने मीडिया के समक्ष बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने आयोग के समक्ष उसी घटनाक्रम रखा, जो पुलिस एनकाउंटर वाले दिन उनके साथ हुआ था। बकौल चंदन तिवारी उनसे आयोग द्वारा आधे घंटे तक पूछताछ हुई, उन्होंने कहा कि वह सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। अभी तक एनकाउंटर मामले में किसी भी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पुरा भरोसा है। बिहार सरकार पर भरोसा नहीं है। अब केन्द्र सरकार से उम्मीदें हैं।
झोपड़ी में छिप कर सब देख रही थी:- ललिता देवी
वहीं जवईनिया गांव निवासी ललिता देवी ने भी आयोग के समक्ष अपना बयान दिया, उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी ने हथियार फेंक दिया था, तब उन्हें पकड़ कर पुलिस द्वारा गोली मारी गई थी। हम लोग अपनी झोपड़ी में छिप कर देख रहे थे। पुलिस की गोली लगने के बाद वे “जय भारत-जय हिंद” बोल रहे थे।
बकौल ललिता देवी भरत भूषण तिवारी हम लोगों के लिए भगवान थे। सड़क, पानी, बिजली आदि मुद्दों के लिए लड़ाई लड रहे थे। बता दें की बहुचर्चित बिलौटी पुलिस एनकाउंटर मामले में अब तक मृतक भरत भूषण तिवारी के तरफ से माता-पिता, भाई, भाभी समेत 7 लोगों की गवाही हो चुकी है। अभी 25 और लोगों की गवाही होनी बाकी है।

