Chairman of Bihiya: पूर्व के आदेश पर रोक, आयोग ने अपने नए निर्देश में स्पष्ट किया है कि बिहिया नगर पंचायत के चेयरमैन अयोग्यता की वर्तमान स्थिति पूरी तरह से उच्च न्यायालय के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।
- हाइलाइट: Chairman of Bihiya
- राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, पूर्व में जारी 28 अप्रैल 2026 के अपने आदेश पर लगाई रोक
पटना। भोजपुर जिला अंतर्गत बिहिया नगर पंचायत के चेयरमैन सचिन कुमार गुप्ता के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग,पटना ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। पटना उच्च न्यायालय के अंतरिम निर्देश के बाद आयोग ने अपने पूर्व में जारी 28 अप्रैल 2026 के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसके तहत सचिन कुमार गुप्ता को अयोग्य घोषित कर उन्हे पद मुक्त करने की कार्रवाई की गई थी।
इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्य पदाधिकारी संजय कुमार ने भोजपुर के जिलाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी को एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मामले की सुनवाई पूरी होने तक उक्त विवादित आदेश का क्रियान्वयन स्थगित रखा जाए।
Chairman of Bihiya: उच्च न्यायालय के अंतिम फैसला आने तक चेयरमैन पद पर बने रहेंगे सचिन गुप्ता
न्यायिक प्रक्रिया के तहत पटना उच्च न्यायालय ने इस मामले में आयोग से शपथपत्र के माध्यम से विस्तृत जवाब मांगा था। साथ ही, न्यायालय ने यह अपेक्षा व्यक्त की थी कि जब तक मामले का अंतिम निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक 28 अप्रैल 2026 के आदेश पर आगे प्रभावी कारवाई न किया जाए। न्यायालय के इन निर्देशों के उपरांत राज्य निर्वाचन आयोग ने महाधिवक्ता से कानूनी परामर्श लिया। महाधिवक्ता की कानूनी राय के अनुरूप ही आयोग ने अपने पूर्व आदेश को फिलहाल प्रभावहीन करने का निर्णय लिया है।
आयोग ने अपने नए निर्देश में स्पष्ट किया है कि बिहिया नगर पंचायत के चेयरमैन के पद की वर्तमान स्थिति पूरी तरह से उच्च न्यायालय के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी। जिससे स्पष्ट होता है की तब तक सचिन कुमार गुप्ता अपने पद पर बने रहेंगे।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद नगर पंचायत बिहिया के मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता पर पद के दुरुपयोग और वैधानिक दायित्वों की उपेक्षा करने के आरोपों से उपजा था। इस संबंध में पूर्व उप मुख्य पार्षद बैजनाथ प्रसाद और वर्तमान उप मुख्य पार्षद विजय कुमार गुप्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
आयोग ने पूर्व में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और उपलब्ध अभिलेखों की समीक्षा के बाद चेयरमैन को अयोग्य घोषित कर उन्हे पदमुक्त का आदेश दिया था, जिसे अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद स्थगित कर दिया गया है। फिलहाल, इस निर्णय से बिहिया नगर पंचायत की राजनीति में चल रही अस्थिरता पर विराम लग गया है, और सभी संबंधित पक्षों की नजर अब उच्च न्यायालय के आगामी फैसले पर टिकी है।

