Birth and Death Certificates: शाहपुर नगर पंचायत: जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अब होल्डिंग टैक्स की अनिवार्यता खत्म, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने जारी किया निर्देश
- हाइलाइट: Birth and Death Certificates
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण एक समय-बद्ध प्रक्रिया है
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), मदन नारायण सिंह ने शाहपुर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को एक आधिकारिक पत्र जारी करते हुए जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु होल्डिंग टैक्स की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्देश दिया है।
विदित हो कि यह मामला शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 04 निवासी हरिहर नाथ द्वारा दिए गए एक आवेदन के बाद प्रकाश में आया। उक्त आवेदन के आलोक में जब संबंधित अधिनियमों और नियमावली का सूक्ष्म अवलोकन किया गया, तो यह स्पष्ट हुआ कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण एक पूर्णतः वैधानिक और अनिवार्य प्रक्रिया है। इसका संचालन ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स एक्ट 1969’ (वर्ष 2023 में यथा संशोधित) और इसके आधार पर निर्मित ‘बिहार जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली 1999’ (वर्ष 2025 में यथा संशोधित) के प्रावधानों के तहत किया जाता है।
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने अपने पत्राचार में इस बात पर विशेष बल दिया है कि उपरोक्त विधिक प्रावधानों के अंतर्गत जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए होल्डिंग टैक्स के भुगतान अथवा किसी भी अन्य प्रकार के कर (टैक्स) की अदायगी का कोई उल्लेख नहीं है। प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को किसी भी प्रकार की कर वसूली या अन्य प्रशासनिक बकाया से जोड़ना पूरी तरह से नियम विरुद्ध और अनुचित है।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण एक समय-बद्ध प्रक्रिया है। नियमों के अनुसार, पंजीकरण के उपरांत आवेदक को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में होल्डिंग टैक्स जैसी शर्त आरोपित करने से न केवल सरकारी कार्यों में अनावश्यक विलंब होता है, बल्कि आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है, जो कि न्यायसंगत नहीं है।
इन विधिक तथ्यों के आलोक में नगर पंचायत, शाहपुर को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में जन्म और मृत्यु पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को केवल ‘बर्थ और डेथ रजिस्ट्रेशन एक्ट’ के प्रावधानों के अनुरूप ही संचालित किया जाए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि किसी भी आवेदक को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो और उन्हें निर्धारित समय के भीतर संबंधित दस्तावेज अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दिए जाएं।


